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मध्यप्रदेश

प्रदेश कांग्रेस के फैसलों को पलट रहा हाईकमान

भोपाल । विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी कांग्रेस में इस समय जमकर बवाल मचा हुआ है। वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल न होने का खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ रहा है। प्रदेश का सबसे बड़ा शहर इंदौर एक महिने से अध्यक्ष विहीन है। हाल ही में जारी हुई अल्पसंख्यक विभाग की सूची भी होल्ड कर दी गई है। इस सूची में प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों के नाम शामिल हैं। ये नियुक्तियां प्रदेशाध्यक्ष शेख अलीम की सहमति के बिना प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह वोहरा ने कर दीं। इसमें इंदौर समेत प्रदेश के 13 शहर जिसमें अलीराजपुर, रीवा शहर, नीमच शहर, बुरहानपुर शहर और ग्रामीण, उज्जैन शहर, खंडवा शहर, भोपाल ग्रामीण, धार, टीमकगढ़, छतरपुर, शाजापुर और सीहोर शामिल हैं। इनमें जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई। इसके साथ ही प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष, महामंत्री, सचिव, सोशल मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता बनाया गए, जिनकी संख्या 46 के आसपास है।

बागियों को तवज्जो मिलने पर हंगामा
इस सूची के जारी होते ही शिकवा शिकायतों को दौर शुरू हो गया। इसलिए दिल्ली से राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने एक्शन लेते हुए पूरी सूची को होल्ड कर दिया। इस मामले पर मध्यप्रदेश अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेशाध्यक्ष शेख अलीम का कहना है पार्टी की खिलाफत करने और पिछले साल नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार के सामने बगावत कर चुनाव लडऩ़े वाले नेताओं को पदाधिकारी बनाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संज्ञान लिया है और सूची होल्ड कर दी जिसे जल्द जारी कर दिया जाएगा। विकास यात्राओं में भाजपा को समर्थन ना मिलने की खीज वो कांग्रेस पर निकाल रही है और होल्ड पर कांग्रेस का दुष्प्रचार कर रही है।

संकट में कांग्रेस
देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इस समय अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ का होल्ड पार्टी से खिसकता जा रहा है। यही वजह कि पार्टी में अनुशासन खत्म सा हो गया है। सब नेता अपनी मनमर्जी चला रहे हैं और छोटे छोटे मामले तक अब दिल्ली दरबार तय हो रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार कैसे तय कर पाएगी ये भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है, इसका पार्टी के पास कोई जवाब नहीं है।

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