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गोरमी ठंड से बचने के लिए नहीं कोई बंदोबस्त कड़ाके की ठंड में भी नगर परिषद ने चौराहों पर नहीं कराई अलाव जलाने की व्यवस्था ।

ठंड बढ़ने के बाद भी नगर परिषद ने तिराहों-चौराहों पर अब तक नहीं की अलाव की व्यवस्था। इन दिनों ठंड जोरों पर है। इससे बचाव के लिए लोग विभिन्न जतन कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से सर्दी के प्रकोप से जहां सुबह व रात का पारा काफी नीचे आ गया है, वहीं दिन का तापमान भी 7 डिग्री तक आ पहुंचा है। इन सर्द हवाओं व कंपकंपा देने वाली ठंड से बचाव के लिए अभी तक नगर प्रशासन ने नगर में कहीं भी अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की है। जबकि शासन को ठंड शुरू होते ही अलाव की व्यवस्था करवाना चाहिए। नगर परिषद द्वारा नगर में अलाव जलाने के लिए कहीं भी लकड़ियों का इंतजाम नहीं किया गया है। इस कारण लोग अपने स्तर पर कूड़ा-करकट बीनकर अलाव जलाकर सर्दी से बचने के जतन कर रहे हैं। इसमें लोग प्लास्टिक तक जला रहे हैं, जो पर्यावरण में जहरीला धुआं छोड़ रही है। कुछ स्थानों पर बेकार पड़े टायरों को भी जलाकर ठंड से बचाने को लोग मजबूर हैं।कोहरे और ठंड से प्रभावित हो रहा जनजीवन नगर में पिछले चार पांच दिन से कोहरे और ठंड से जनजीवन प्रभावित हो गया है। ठंड के कारण लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। गुरुवार को दोपहर में कुछ समय के लिए सूर्य देव के दर्शन तो हुए, लेकिन शाम ढलते ही शीतलहर फिर चलने लगी। ठंड के मौसम में बस स्टैंड पर यात्री ठिठुरते रहते हैं। अस्पताल में मरीजों के साथ आए लोगों को रहने की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें ऐसी ठंड में भी आसमान के नीचे सोना पड़ता है। प्रतिवर्ष जलाए जाते हैं सरकारी अलाव- नगर परिषद द्वारा ठंड के जोर पकड़ते ही नगर के विभिन्न स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाती है। इसमें मुख्य चौराहों, गरीब बस्तियों, अस्पताल, बस स्टैंड आदि स्थानों पर पहले शासकीय अलाव जलाए जाते थे। जिससे लोगों को ठंड से बचाया जा सके, लेकिन इस बार तापमान में अधिक गिरावट होने के बाद भी यह व्यवस्था अभी तक नहीं हो सकी है। कुछ दिन जलाये अलाव- नगर परिषद के द्वारा खाना पूर्ती के लिये कुछ दिन नगर के प्रतिष्ठित लोगों के द्वारा पर अलाव जलाए गए लेकिन वह भी एक-दो दिन बाद बंद कर दिए गए ये हैं इसके जिम्मेदार कड़ाके की ठंड में भी नगर परिषद द्वारा एक भी सार्वजनिक स्थान पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि यह पहला मौका है जब नगर परिषद की तरफ से अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। जबकि इस बार अभी सबसे अधिक ठंड हो रही है। कई बार नगर परिषद के अधिकारी और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों से कहने के बाद भी स्थिति जस की तस है। नगर में एक दो जगह ही स्थानों पर ही अलाव जलाये गये सुरेंद्र जैन जिन लोगों की नगर परिषद में पहचान है उन्ही के घरों के बाहर अलाव की व्यवस्था की गई थी - रवी खान नगर परिषद के द्वारा चौराहों पर अलाव न जलाते हुये नगर के बाहुबली और जानने वालों के जहाँ अलाव जला रहे है आम जनता लकड़ी खरीद कर अलाव जला रही है मुख्य नगर परिषद अधिकारी की जिम्मेदारी है कि ऐसा न हो- सुभाष थापक भाजपा मंडल अध्यक्ष गोरमी

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