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दिल्ली NCR

कंझावला मामले में हुआ बड़ा खुलासा: पूछताछ में आरोपियों ने कबूला- पता था कार के नीचे अंजलि फंसी है

कंझावला कांड को लेकर आरोपियों ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें पता था कि एक्सीडेंट के बाद उनकी कार के नीचे अंजलि फंस गई है लेकिन डर के मारे वह गाड़ी को दौड़ाते रहे। उन्होंने बताया कि उन्हें डर था कि अगर लड़की को गाड़ी से निकाला तो उनपर हत्या का केस लग जाएगा। इसी डर के कारण आरोपियों ने लड़की को कार के नीचे से निकालने की कोशिश नहीं की।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अपनी इसी डर के कारण वह कंझावला रूट में गाड़ी को बार-बार घुमाए जा रहे थे। बिल्कुल भी समझ नहीं आ रहा था कि क्या करना चाहिए। गाड़ी से लड़की के निकलने का इंतजार करते रहे और बार-बार गाड़ी को चलाते रहे। आरोपी ने यह भी कबूल कर लिया है कि उन्होंने पुलिस को तेज म्यूजिक सिस्टम की जो कहानी बताई थी, वह सरासर झूठी थी। कंझावला कांड में दिल्ली पुलिस ने पहले दीपक खन्ना (26), अमित खन्ना (25), कृष्ण (27), मिथुन (26) और मनोज मित्तल को गिरफ्तार किया था। बाद में, आशुतोष और अंकुश खन्ना को गिरफ्तार किया गया।

अंकुश खन्ना को जमानत
कंझावला मामले में आरोपियों का कथित तौर पर बचाव करने वाले अंकुश खन्ना को शनिवार को जमानत दे दी। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सान्या दलाल ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण करने वाले खन्ना को यह देखते हुए जमानत दे दी कि उसके खिलाफ लगे आरोप जमानती हैं। न्यायाधीश ने कहा कि जांच अधिकारी (आईओ) के अनुसार, खन्ना ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा था कि आरोपी दीपक वाहन चला रहा था। हालांकि, अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी अमित गाड़ी चला रहा था।

सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करें
अदालत ने जांच अधिकारी की इस दलील पर भी गौर किया कि अंकुश खन्ना ने एक अन्य आरोपी आशुतोष के साथ सह-आरोपियों को दीपक के आवास पर छुपाने में मदद की थी। न्यायाधीश ने कहा, ‘‘कथित अपराध जमानती हैं। इसलिए आरोपी को 20,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की जमानत राशि पर जमानत दी जाती है।” अदालत ने अभियुक्तों से कहा कि जब भी आईओ द्वारा आवश्यक हो, वे जांच में शामिल हों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करें। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी की 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी। गौरतलब है कि रविवार तड़के अंजलि सिंह (20) की स्कूटी को एक कार ने टक्कर मार दी थी और युवती को सुल्तानपुरी से कंझावला तक लगभग 12 किलोमीटर घसीटती हुई ले गई। घटना में युवती की मौत हो गई थी जबकि निधि की जान बच गई थी।

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