ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

रतलाम के जिला अस्पताल में जटिल आपरेशन, महिला के पेट से निकाली साढ़े तेरह किलो वजनी गठान

रतलाम ।  जिला अस्पताल में शुक्रवार को डाक्टरों ने जटिल आपरेशन कर नीमच जिले के जावद की वृद्ध महिला के पेट से 13 किलो 600 ग्राम वजनी गठान निकाली। सफल आपरेशन के बाद महिला व उसके स्वजन को राहत मिली व उन्होंने डाक्टर को धन्यवाद ज्ञापित किया। जानकारी के अनुसार 60 वर्षीय गीताबाई पत्नी बद्रीलाल निवासी जावद को चार वर्ष पहले पेट में तकलीफ हुई थी। जांच कराने पर उनके पेट में गठान बताई गई थी। तकलीफ बढ़ती जा रही था। स्वजन ने पहले नीमच, फिर इंदौर, अहमदाबाद व बड़ौदा में भी डाक्टरों से इलाज कराया। दो वर्ष से ज्यादा तकलीफ रहने लगी थी। किसी भी डाक्टर को दिखाते तो वे नए सिरे से जांच कर दवाई लिख देते। दवा लेने पर कुछ दिन तबीयत ठीक रहती और फिर पेट में दर्द होने लगता। ऐसे में गीता के स्वजन को पता चला कि रतलाम के जिला अस्पताल के सर्जन डा. राजदुलानी जटिल आपरेशन कर सकते हैं। एक माह पहले उन्होंने डा. दुलानी से संपर्क कर गीताबाई का इलाज शुरू किया।डा. दुलानी ने तीन दिन पहले उनके आपरेशन का निर्णय लिया। तीन जनवरी को गीताबाई को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह उन्‍हें आपरेशन रूम में शिफ्ट किया गया। डा. महेश मौर्य ने गीताबाई को एनेस्थीसिया दिया। कुछ समय बाद सर्जन डा. राज दुलानी ने नर्स ममता व ज्योति के सहयोग से आपरेशन शुरू किया व गीता के पेट से गठान बाहर निकाली। इसके बाद गीता को आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।

पांच-छह दिन बाद देंगे छुट्टी

डा. राज दुलानी ने बताया कि गीताबाई को ब्लड प्रेशर व शुगर होने के कारण कोई डाक्टर आपरेशन की रिस्क नहीं ले रहा था। उन्होंने करीब एक माह तक उनका इलाज कर ब्लड प्रेशर व शुगर को कंट्रोल करने की कोशिश की। ब्लड प्रेशर व शुगर कंट्रोल होने पर आपरेशन किया गया। करीब डेढ़ घंटे चले आपरेशन के दौरान गठान बाहर निकाली गई। गठान के पांच टुकड़े हो गए थे। गठान बढ़ती जा रही थी व पेट फूलता जा रहा था, इसलिए आपरेशन करना जरूरी थी।

Related Articles

Back to top button