Happy New Year 2023: लाखों लोगों ने महाकाल की भस्म आरती से की नए साल की शुरुआत

उज्जैन: दुनियाभर में नए साल के पहले दिन की शुरुआत लोग अपने अराध्य के आशीर्वाद से करते हैं। इसी कड़ी में साल के पहले दिन लाखों भक्तों ने महाकाल मंदिर में जाकर भक्तिभाव मे लीन होकर पहले दिन की शुरूआत की। यहां 2023 के पहले दिन मंदिर में लाखों की संख्या में भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर अपने नए साल की शुरूआत कर सफलता और सुख शांति की प्रार्थना की।
गर्म जल से स्नान फिर हुआ पंचामृत पूजन
भगवान महाकाल के दरबार में नववर्ष की सुबह अद्भुत भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल को गर्म जल से स्नान कराया गया। इसके बाद दूध, दही, शहद, शक्कर और फलों के रस से भगवान का पंचामृत पूजन हुआ। भगवान महाकाल को पूजन के बाद सूखे मेवे और भांग से सजाया गया। राजाधिराज भगवान महाकाल ने नववर्ष की सुबह आकर्षक स्वरूप में दर्शन दिए।
भस्म आरती का महत्व
महाकाल की विभिन्न पूजाओं तथा आरतियों में भस्म आरती का अपना अलग महत्व है। यह अपने तरह की एकमात्र आरती है जो विश्व में सिर्फ महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में ही की जाती है। हर शिवभक्त को अपने जीवन में कम से कम एक बार भगवान महाकालेश्वर की भस्म आरती में जरूर शामिल होना चाहिए। भस्म आरती भगवान शिव को जगाने, उनका श्रृंगार करने तथा उनकी प्रथम आरती करने के लिए किया जाता है। यह आरती प्रतिदिन सुबह चार बजे, भस्म से की जाती है। भोर में चार बजे भगवान का जलाभिषेक किया जाता है। इसके बाद श्रृंगार और उसके बाद ज्योतिर्लिंग को भस्म से सराबोर कर दिया जाता है। शास्त्रों में चिता भस्म अशुद्ध माना गया है। चिता भस्म का स्पर्श हो जाये तो स्नान करना पड़ता है परन्तु भगवान शिव के स्पर्श से भस्म पवित्र होता है क्योंकि शिव निष्काम हैं। उन्हें काम का स्पर्श नहीं है। अनादिकाल से ही महाकाल मंदिर में भस्म रमाने की परंपरा चली आ रही है।




