ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

शिवराज सरकार के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव गिरा, सदन स्थगित

भोपाल| मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव लंबी चर्चा और बहस के बाद गिर गया। बहस के दौरान खूब हंगामा भी हुआ, बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। विधानसभा में कांग्रेस ने शिवराज सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। बुधवार को इस अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई जो देर रात एक बजे तक चली। गुरुवार को फिर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपना पक्ष रखा।

मुख्यमंत्री चौहान ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया, साथ ही कांग्रेस की 15 माह की सरकार की खामियों को भी गिनाया।

उन्होंने कहा कि कमलनाथ सरकार 165 दिन रही और उसने साढ़े चार सौ आईएएस आईपीएस के तबादले किए। 15 हजार से अधिक कर्मचारियों के भी तबादले किए। वल्लभ भवन दलालों का अड्डा बन गया था।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के जवाब के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई जिसमें प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। शिवराज सरकार के खिलाफ यह दूसरी बार लाया गया अविश्वास प्रस्ताव था। वर्ष 2011 में भी अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, मगर उस पर मतदान की स्थिति नहीं आ पाई थी।

Related Articles

Back to top button