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विरोध का अनोखा तरीका:संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने मांगे न मानने पर सरकार की आर्थी निकाली, मुंडन भी कराया
ग्वालियर में हड़ताल पर बैठे संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार की संविदा नीति के खिलाफ आक्रोश जताया और सरकार की अर्थी जलाई और विरोध स्वरुप मुंडन भी कराया। ग्वालियर में फूलबाग चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे संविदा स्वास्थ्यकर्मियों का गुस्सा तेज होता जा रहा है, वे सरकार तक अपनी बात पहुँचाने के लिए अलग अलग तरीके से विरोध प्रकट कर रहे हैं। बुधवार को संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने विरोध का यह अनोखा तरीका निकाला है। उनका मंशा सरकार तक अपनी बात पहुंचाना है। यह है पूरा मामला बता दें कि संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की मांग है कि उन्हें नियमित किया जाए और जो आउट सोर्स कर्मचारी NHM से हटाए गए हैं उन्हें वापस नौकरी पर लिया जाए। विभाग में रिक्त पदों पर उनकी नियुक्ति की जाए। वहीं अन्य राज्यों में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित किया गया है इसलिए उन्हें भी नियमितीकरण का लाभ दिया जाए। साथ ही आउटसोर्स कर्मचारियों को भी नौकरी पर वापस लिया जाए। पूरे मध्य प्रदेश में 32 हजार कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर चले गए हैं। इसी क्रम में ग्वालियर में 778 संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे गए हैं। स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार को आगाह किया है कि यदि उनकी मांगे नहीं मानी जाती है तो वह लगातार धरने पर बैठे रहेंगे जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती । पहले अर्थी निकाली फिर मुंडन करवाया संविदा स्वास्थ्यकर्मियों ने सरकार की संविदा नीति की अर्थी निकाली और और फिर उसे फूंक दिया। संविदा फार्मासिस्ट एवं संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला महामंत्री आशीष गुप्ता ने कहा कि हमारी केवल दो ही मांगें हैं। पहली हमारा नियमितीकरण किया जाये और हमारे जो साथी NHM से निकालकर आउटसोर्स कर दिए गए हैं यानि ठेके पर कर दिए गए हैं उनकी NHM में वापसी की जाये।


