ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
दिल्ली NCR

कोरोना के बाद खसरे ने मचाई तबाही, देश में अब तक 40 बच्चों की मौत

नई दिल्ली । कोविड-19 ने भारत समेत पूरी दुनिया में जमकर तबाही मचाई है। लेकिन देखा गया है कि कोरोना वायरस ने बच्चों को अपना शिकार कम बनाया है। हाल के दिनों में भारत में सदियों से चली आ रही एक बीमारी ने हाल के दिनों में नए सिरे से मुश्किल खड़ी कर दी है। भारत में खसरे की वजह से इस साल 40 बच्चों की मौत हो गई है जबकि देशभर के करीब 10 हजार बच्चों को इस बीमारी ने अपना शिकार बनाया। यह जानकारी संसद में स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने एक सवाल के जवाब में दी।

पवार ने कहा कि सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र से सामने आए। महाराष्ट्र में खसरे के कुल 3075 मामले दर्ज किए गए इससे 13 बच्चों की मौत हुई। इसके बाद झारखंड में 2683 मामले और आठ मौतों की पुष्टि हुई है। वहीं गुजरात में 1650 हरियाणा में 1537 बिहार में 1276 और केरल में 196 मामले दर्ज किए गए। अगर खसरा से मौतों की बात करें तो गुजरात में 9 हरियाणा में 3 और बिहार में 7 मौत हुईं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट किए गए कुछ मामलों और मौतों की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन उन्हें इस लिस्ट में शामिल किया गया है क्योंकि इन मरीजों में खसरा के लक्षण देखे गए थे और ये उन स्थानों पर रह रहे थे जहां से इस बीमारी के मरीजों की पुष्टि हुई।

बता दें कि खसरा एक संक्रामक रोग है। ये खांसने और छींकने से फैलता है। अभी तक खसरा के लिए कोई खास एंटीवायरल दवा नहीं है। केवल इस बीमारी से बचने के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। पिछले महीने केंद्र ने महाराष्ट्र सरकार को सलाह दी थी कि राज्य में खसरे के मामलों में हो रहे इजाफा को देखते हुए इससे प्रभावित इलाकों में नौ महीने से पांच साल की उम्र के सभी बच्चों को खसरा और रूबेला युक्त वैक्सीन (एमआरसीवी) की एक्स्ट्रा डोज दी जाए। बता दें कि बच्चों को खसरे के दो टीके लगाए जाते हैं पहला 9 से 12 महीने पर और दूसरा 16-24 महीने पर। खसरा के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने 6 से 9 महीने की उम्र के सभी बच्चों को एमआरसीवी की एक एक्स्ट्रा टीके लगाने की सिफारिश की है।

Related Articles

Back to top button