ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

जबलपुर। सरकार रिटायर्ड शिक्षकों को 60 दिन में अर्जित अवकाश का भुगतान करें हाईकोर्ट

जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर याचिका लक्ष्मी नारायण तिवारी निवासी सागर एवं अन्य चार तथा चंद्रशेखर टोटे सेवानिवृत्त शिक्षक सागर एवं अन्य पांच की याचिकाओं में माननीय हाईकोर्ट ने आदेशित किया है कि, याचिकाकर्ता के अर्जित अवकाश का नकदीकरण की राशि का 60 दिवस के अंदर निराकरण करें। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी ने बताया कि याचिकाकर्ता लक्ष्मी नारायण तिवारी बारेलाल अहिरवार प्रीतम सिंह गोलंदाज शालिग्राम खमरिया चंद्रशेखर टोटे प्रसादी लाल वराजेंद्र सिंह राजपूत लप्रताप सिंह यादव तुलसीराम गुप्ता सहित अन्य सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, जिन्हें सेवा निवृत्ति के उपरांत उनकी सेवा काल के 300 दिन के अर्जित अवकाश की नकदीकरण राशि प्रदान नहीं की गई। जिससे याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। समस्त याचिकाकर्ता स्कूल शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। जिनका की रिटायरमेंट होने के बावजूद भी उन्हें अर्जित अवकाश की पात्रता होने के बाद भी नकदीकरण राशि का भुगतान उन्हें नहीं हुआ। जबकि उक्त शिक्षकों की सेवा पुस्तिका में भी 300 दिन का अर्जित अवकाश लिखित में दर्ज है। उसके पश्चात भी उन्हें उक्त राशि प्रदान नहीं की गई। जिससे आवेदक गणों ने माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। माननीय न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए। अनआवेदक जिला शिक्षा अधिकारी एवं अन्य को यह आदेशित किया गया है कि आवेदक द्वारा प्रस्तुत अभ्यावेदन का निराकरण 60 दिवस के अंदर कर आदेश पारित करें। प्रकरण में आवेदक गणों की ओर से एडवोकेट सत्येंद्र जोशी ने पक्ष रखा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button