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मध्यप्रदेश

जेल में प्लानिंग, 7 दिन की रैकी के बाद की थी 35 लाख की लूट, 5 गिरफ्तार

ग्वालियर: डबरा में गल्ला कारोबारी का लूटने के बाद अपाचे बाइक पर सवार बदमाशों के यह आए थे फुटेजडबरा में 8 दिन पहले हुई थी लूटग्वालियर के डबरा में गल्ला कारोबारी से 35 लाख रुपए कैश लूटने के बाद सड़क पर दनादन गोलियां चलाने वालों का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर 7 लाख रुपए बरामद भी कर लिए गए हैं। शेष तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है। बचा हुआ कैश उनके ही पास है। लूट को ग्वालियर के कुछ बदमाशों ने अंजाम दिया था। जिसकी योजना ग्वालियर सेन्ट्रल जेल में बनी थी।इसके बाद लगातार सात दिन तक रैकी के बद इतनी बड़ी लूट को अंजाम दिया गया था। रैकी करने वाला कारोबरी की पास ही फर्म का मुनीम पुष्पेन्द्र व उसका साथ अनिल हैं। लुटेरों ने वारदात के लिए अपाचे बाइक चोरी की थी। एडीजी डी श्रीनिवास ने एसएसपी ग्वालियर सहित पूरी टीम को बधाई दी है।डबरा लूटकांड का खुलासा करते एडीजी डी श्रीनिवासग्वालियर क्राइम ब्रांच की टीम ने डबरा गल्ला मंडी के कारोबारी से लूट में पांच आरोपियों को पकड़ लिया है। पकड़े ना जाएं इसके लिए बदमाशों ने लगातार सात दिन रैकी कर हर उस खामी को दूर किया। जिससे पकड़ में ना आए, लेकिन पुलिस अफसरों की मॉनीटरिंग और एक दर्जन से ज्यादा टीमों द्वारा लगातार पड़ताल के बाद बदमाशों की पहचान कर पांच आरोपी पकड़ लिया है। पकड़े गए बदमाशों से पुलिस ने लगभग सात लाख रुपए बरामद कर लिए है। वहीं शेष फरार आरोपियों की तलाश में क्राइम ब्रांच व डबरा थाना सहित आठ टीमें दबिश दे रही है। वारदात की पड़ताल में पुलिस के हाथ लूट के तीन कनेक्शन मिले, जिससे पता चला कि पूरी वारदात की योजना जेल में बनी और डबरा में लूट के लिए ग्वालियर के बदमाशों को हायर किया गया। लूट के माल का बंटवारा काम के हिसाब से हुआ और वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को सात-सात लाख रुपए और एक को पांच, एक को तीन लाख व अन्य को दो-दो लाख दिए गए।बदमाशों से बरामद रुपएयह है पूरा मामला- डबरा गल्ला मंडी के कारोबारी सेवकराम के साथ 22 नवंबर दोपहर डबरा में बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोलियां चलाकर 35 लाख रुपए लूट लिए थे। पीड़ित कारोबारी सेवकराम ने बताया था कि मैंने HDFC बैंक से 35 लाख रुपए निकाले थे। इसके बाद मैं बैंक से कमल टॉकीज रोड स्थित अपनी दुकान की ओर जा रहा था। मैं ठाकुर बाबा रोड पर विनोद जैन के मकान के सामने पहुंचा ही था कि इसी दौरान अपाचे (बाइक) पर सवार होकर आए तीन बदमाशों ने मेरी गाड़ी को टक्कर मार दी। मेरी बाइक मेरा साथी चला रहा था। हम दोनों सड़क पर गिर गए। लुटेरों ने मेरे हाथ से बैग छीनने का प्रयास किया तो मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की। लुटेरों के साथ मेरी छीनाझपटी भी हुई। इसी दौरान लुटेरों ने कट्‌टे से फायर कर दिए। गोली जमीन में लगी तो मैं डर गया। लुटेरे मेरे हाथ से बैग छीनकर फरार हो गए। इस लूट के बाद ग्वालियर में पुलिस की काफी किनकिरी हो रही थी। ADG डी श्रीनिवास व SSP ग्वालियर अमित सांघी डबरा में डेरा जमाए बैठे थे। 7 दिन बाद पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है।लोकल बदमाशों ने दिया वारदात को अंजामलूट की योजना बनाने, रैकी करने और वारदात को अंजाम देने वाले सभी आरोपी ग्वालियर के हैं। वारदात को अंजाम गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के जड़ेरूआ इलाके में रहने वाले बदमाश आकाश, राजवीर उर्फ चश्मा, प्रताप कुशवाह ने अंजाम दिया था। संतोष और हरिओम ने वारदात का तानाबाना बुना और पुष्पेन्द्र ने रैकी की थी तो अनिल रावत ने पूरी प्लानिंग की थी। वहीं विजय ने लूट के लिए आने वाले बदमाशों के रुकवाने सहित अन्य सामान जुटाया था। इसके अलावा लूट के लिए डीडी नगर से बाइक चोरी की थी।बड़े नोट ने टाली एक दिन पहले वारदातबदमाशों को पता था कि सेवक राम बैंक से एक करोड़ रुपए निकालने वाला था और वह लगातार उसे वॉच कर रहे थे। घटना से एक दिन पहले भी कारोबारी ने सत्तर लाख रुपए बैंक से निकाले थे, लेकिन नोट बड़े (दो हजार व पांच सौ के नोट) होने के कारण बैग कम भरा था, इसलिए बदमाशों ने हाथ नहीं डाला और घटना टल गई थी। जबकि अगले ही दिन कारोबारी ने 35 लाख रुपए निकाले थे जो कि सौ-सौ के नोट के कारण बैग काफी फूला हुआ था और बदमाशों ने उन्हें टारगेट कर लिया।इस तरह आए पकड़ में लुटेरेसबसे पहली सफलता पुलिस को डबरा में पुष्पेन्द्र के रूप में लगी और उसके बाद एक आरोपी को चित्रकूट से पकड़ा तो दो को दिल्ली से लौटते वक्त ट्रेन के स्लीपर कोच से पकड़ा है।

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