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श्योपुर महिला शिक्षिका ने अपनी चल-अचल संपत्ति हनुमान जी के नाम की ,पूजा पाठ करना महिला शिक्षिका के जीवन का सबसे अहम हिस्सा बन गया है।
महिला शिक्षिका ने अप श्योपुर ब्यूरो। आज के इस दौर में ज्यादातर लोग पैसा कमाने में इतने ज्यादा व्यस्त हो गए हैं कि, उन्हें न अपनी सेहत की फिक्र है और नहीं घर परिवार के लोगों की, बस रात दिन दिमाग में पैसा कमाने का भूत सवार है, कई लोग तो पैसे के लिए रिश्तो तक का खून करने से भी नहीं चूकते, लेकिन, एक महिला शिक्षक ने दुनिया के इस दिखावे वाले जीवन से अलग हटकर अपनी 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की संपत्ति को मंदिर ट्रस्ट के नाम करके लोगों को यह संदेश दिया है कि, मन की शांति के आगे पैसा कुछ भी नहीं है। अब दूसरे लोग भी इस महिला की जमकर तारीफ कर रहे हैं। क्या है पूरा मामला देखिए यह खास रिपोर्ट मामला श्योपुर जिले के विजयपुर नगर का है। जहां खितरपाल गांव के शासकीय विद्यालय में पदस्थ महिला शिक्षिका शिवकुमारी जादौन ने अपना आलीशान मकान, प्लाट, शासन से मिल रहा वेतन, जीवन बीमा पॉलिसी की राशि, सोने चांदी के आभूषण से लेकर करीब एक करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की संपत्ति को विजयपुर के प्रसिद्ध छिमछिमा हनुमान मंदिर ट्रस्ट के नाम कर दिया है। महिला न तो मानसिक रूप से बीमार है। और नहीं उसे किसी तरह की दिमाग से जुड़ी कोई बीमारी है। बल्कि, मन के सुकून के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है। महिला का मानना है कि, इंसान जीवन भर धन माया के मोह में फंसा रहता है, जबकि, सच्चा सुख ईश्वर की भक्ति में है, ऐसा नहीं है कि, उन्होंने अपनी नौकरी त्याग दी हो, बल्कि, वह पहले की ही तरह रोजाना विद्यालय पहुंच कर बच्चों को पढ़ाती हैं, समय से स्कूल जाती हैं। और समय से वापस आती है। वह ईश्वर से बहुत प्रेम करती हैं, सुबह से लेकर रात तक वह भगवान का स्मरण करती हैं, पूजा पाठ करना उनके जीवन का सबसे अहम हिस्सा बन गया है। उनका मानना है कि, वह कहीं मोह माया में न पड़ जाए, इसलिए उन्होंने अपने जीवन भर की पूंजी को हनुमान मंदिर ट्रस्ट के नाम किया है। महिला शिक्षिका शिवकुमारी जादौन बचपन से ही भगवान की पूजा आराधना करती रही हैं, उन्होंने अपने दोनों बेटों के लिए मकान और कुछ संपत्ति पहले ही दे रखी है। शिक्षिका शिवकुमारी जादौन संपन्न परिवार से ताल्लुक रखती हैं, उनका महीने का वेतन 50 हजार रुपए से ज्यादा है, विजयपुर बाजार में आलीशान मकान है, जिसकी कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा है। इसके अलावा उनके पास जो भी संपति है, उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के नाम कर दिया है। वह जब तक जिएंगी, तब तक अपने मकान में रहेंगी, उनके बाद का मकान मंदिर ट्रस्ट का हो जाएगा ऐसा उन्होंने अपनी वसीयत में लिख कर दिया है। उन्होंने अपनी वसीयत में यह भी लिखा है कि, उनके मरने के बाद उनके शव का अंतिम संस्कार उनके बेटे की वजाए मंदिर ट्रस्ट के लो करें। *वर्जन* शिक्षिका शिवकुमारी जादौन का कहना है कि, उन्होंने अपना बैंक बैलेंस, पोस्ट ऑफिस में जमा धन से लेकर मकान और चल अचल संपत्ति मंदिर ट्रस्ट के नाम कर दी है, मेरे मरने के बाद मेरा अंतिम क्रिया कर्म मंदिर ट्रस्ट के लोग और पंच के लोग करें *शिवकुमारी जादौन* *महिला शिक्षिका* *वर्जन* खितरपाल स्कूल में पदस्थ शिक्षिका राजकुमारी जादौन ने अपनी चल और अचल संपत्ति को मंदिर ट्रस्ट के नाम किया है। *नीरज शर्मा* *एसडीएम विजयपुर*






