मध्यप्रदेश
अटल प्रोग्रेस वे सड़क परियोजना रद्द की जाए किसानों ने भरी हुंकार,,29 को मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम देंगे ज्ञापनl
मुरैना सबलगढ़ - पहले अटल प्रोग्रेस वे को पर्यावरण मंत्रालय की आपत्ती के नाम पर निरस्त किया गया। अब बाद में एलाइनमेंट बदलकर समतल बेशकीमती जमीन से पुनः अटल प्रोग्रेस वे सड़क परियोजना को निकालने के लिए सर्वे कार्य जारी है। जिसमें किसानों की बेशकीमती जमीन ली जानी है। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित किया जाना प्रस्तावित है। उन्हें मुआवजे के नाम पर अति सीमित राशि नाम मात्र के लिए सरकारी गाइड लाइन से दुगना दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। किसान इस स्थिति से अत्यंत छुब्द एवं आक्रोशित हैं। क्योंकि उनके पास जमीन काफी कम है। उसका बड़ा हिस्सा इस सड़क पर योजना में अधिग्रहित कर लिया जाएगा। उनके सामने जीवन यापन और रोजी रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों ने एक राय से इस अटल प्रोग्रेस वे सड़क परियोजना को पूरी तरह निरस्त करने की मांग की है। क्योंकि मुरैना जिले में पहले से ही 552 नंबर हाईवे है। इसके अलावा नहर पर अच्छी किस्म की सीसी रोड बनी हुई है। अन्य सड़कें भी प्रस्तावित है। इस दशा में इस एक्सप्रेस-वे को कॉरपोरेट्स को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया जा रहा है। ऐसा किसानों का मानना है। इसीलिए उन्होंने इस परियोजना को पूरी तरह रद्द करने की मांग की है। आज किसान बड़ी संख्या में किसान कृषि उपज मंडी में एकत्रित हुए। वहां पर उन्होंने 29 नवंबर को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन देने का निर्णय लिया है। किसानों की सभा को मध्य प्रदेश किसान सभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी, जिला महासचिव मुरारी लाल धाकड़, विजेंद्र सिंह जादौन कैप्टन, राकेश शुक्ला, शंकर सिंह जादौन, ओमप्रकाश सिंह जादौन, गणेश शर्मा , रघुनंदन सिंह पूर्व सरपंच आदि ने संबोधित किया। सभा की अध्यक्षता रावसाहेब खेरला, रामरतन शर्मा बाला का तौर, भगवान सिंह जादौन किशोर गढ़, हरनारायण रावत जावरौल आदि ने की। सभा में सर्वसम्मति से अटल प्रोग्रेस वे सड़क परियोजना को पूरी तरह रद्द करने तथा इससे संबंधित आंदोलन को एकजुट होकर चलाने का निर्णय लिया गया। इसी क्रम में 29 नवंबर को ज्ञापन दिए जाएंगे। इस सभा कार्यक्रम में सर्वश्री श्याम लाल शाक्य देवी लाल जाटव करण सिंह जादौन नरेंद्र सिंह सरपंच बुरा लाल रावत प्रीतम सिंह रामस्वरूप रजक राम बाबू शर्मा आदि सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।






