मध्यप्रदेशमुरैना
“संविधान दिवस” विधायक मावई के मुरैना कार्यालय पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
संविधान दिवस मुरैना विधायक राकेश मावई के निवास पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण अनुसूचित जाति विभाग कांग्रेस कमेटी मुरैना नरोत्तम माहौर के नेतृत्व में विधायक निवास कार्यालय गणेशपुरा पर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस उपलक्ष में जिला अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग ग्रामीण नरोत्तम माहौर ने बाबा साहब को याद कर कहा संविधान दिवस हमें न सिर्फ स्वतंत्र भारत का नागरिक होने की अहसास दिलाता है, बल्कि हमें हमारे मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक भी कराता है. इसके साथ ही यह हमें नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों की भी याद दिलाता है।गौरतलब है कि भारतीय संविधान दुनिया का एकमात्र सबसे लंबा लिखित संविधान है। जिसमें देश के नागरिकों के मौलिक अधिकार, कर्तव्य, सरकार की भूमिका, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित राज्यपाल और मुख्यमंत्री के अधिकारों व शक्तियों का उल्लेख किया गया है।बहरहाल, संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों में सम्मान की भावना को बढ़ाया जा सके।भारत के पहले कानून मंत्री डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर को साल 1947 में संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त किया गया था और उन्हें देश का नया संविधान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी कड़ी में विधायक प्रतिनिधि रविंद्र सिंह मावई ने भी अपने वक्तव्य में कहा कि भारत एक विविधताओं का देश है, क्योंकि यहां कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक सैकडों भाषाएं, बोली, पहनावे और खान-पान के साथ कई विविधिताएं देखने को मिलती हैं. ऐसे में संविधान ही वह एक कड़ी है जो हर हिंदुस्तानी को एक साथ पिरोती है। हमारे देश का संविधान देश के प्रत्येक नागरिक को एक समान अधिकार प्रदान करता है। इसलिए इस दिवस को मनाया जाता है। इसी क्रम में उपस्थित सभी कांग्रेस पदाधिकारी ,महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों ने सविधान दिवस पर संविधान दिवस की उद्देशिका को पढ़कर संविधान दिवस मनाया गया। संविधान दिवस को राष्ट्रीय कानून दिवस और भारतीय संविधान दिवस के नाम से भी जाना जाता है। हर भारतीय नागरिक के लिए हर साल 26 नवंबर का दिन बेहद खास होता है। दरअसल यही वह दिन है जब देश की संविधान सभा ने मौजूदा संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। यह संविधान ही है जो हमें एक आजाद देश का आजाद नागरिक की भावना का एहसास कराता है। जहां संविधान के दिए मौलिक अधिकार हमारी ढाल बनकर हमें हमारा हक दिलाते हैं, वहीं इसमें दिए मौलिक कर्तव्य में हमें हमारी जिम्मेदारियां भी याद दिलाते हैं। हर वर्ष 26 नवंबर का दिन देश में संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता है। 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी जाना जाता है। 26 नवंबर, 1949 को ही देश की संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया था। हालांकि इसे 26 जनवरी, 1950 को लागू किया गया था। 26 नवम्बर का दिन संविधान के महत्व का प्रसार करने और डॉ बाबा साहेब अंबेडकर जी के विचारों का प्रसार करने के लिये चुना गया। धर्म निरपेक्ष, न्याय, समता, स्वातंत्र्य, समानता और बंधुत्व का भाव पैदा करने वाला इस भारत देश का एकमात्र राष्ट्रीय ग्रंथ "भारत का संविधान" है। डॉ बाबा साहेब अंबेडकर जी ने कहा है कि मैं प्रथम भी भारतीय हूं। और अंतिम भी भारतीय हूं। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी रामस्वरूप माहौर ,वरिष्ठ कांग्रेसी रामजीलाल माहौर, ब्लॉक अध्यक्ष शहर रज्जाक पटेल, बच्चन सिंह हर्षाना जिला महामंत्री कांग्रेस कमेटी मुरैना ,वरिष्ठ कांग्रेसी अशोक सिकरवार, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री श्रीमती शशि सक्सेना ,वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री श्रीमती गीता आदिवासी, श्रीमती आशा बेपुरिया, प्रदेश अध्यक्ष जमीनी कांग्रेस श्रीमती मंजू सिकरवार, प्रदेश उपाध्यक्ष कोरी प्रकोष्ठ सुभाषचंद्र माहोर, अमर सिंह मौर्य विधायक प्रतिनिधि , बलवीर दोनेरिया पार्षद, श्यामवीर सोलंकी, प्रदेश सचिव किसान कांग्रेस दीपक सोलंकी ,सुरेन्द्र सिंह बरेलिया प्रदेश महासचिव मप्र कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग एवं विधायक मीडिया प्रभारी विधानसभा मुरैना 06, एडवोकेट अनिल सोलंकी ,राजकुमार माहौर ,पुलंदर प्रजापति ,प्रताप माहौर, जिला अध्यक्ष झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ मुरैना नरेंद्र सोलंकी , विष्णु यदुवंशी कांग्रेस आईटी सेल मुरैना, वरिष्ठ कांग्रेसी इरफान खान , मण्डल अध्यक्ष करणपाल सिकरवार ,गंधर्व आदि कांग्रेस के पदाधिकारी गण कार्यकर्ता गण उपस्थित रहे।






