ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
हरियाणा

मामला उमरा गांव मे रिटायर्ड हैड टीचर और उसकी पत्नी की 2016 में हत्या का

हिसार सिटी: हरियाणा के हिसार के गांव उमरा में लूट को लेकर हुए डबल मर्डर में दोषी 3 आरोपियों को एडीजे कोर्ट बुधवार को सजा सुनागी। उमरा निवासी विजेंद्र, जॉनी उर्फ़ अनिल और बंटी ने करीब 6 साल पहले रिटायर्ड हैड टीचर रामकुमार और उसकी पत्नी गायत्री की तेजधार हथियार से वार कर निर्मम हत्या कर दी थी। इसको लेकर दोपहर बाद एडीजे अमित शेरावत की कोर्ट में सजा पर बहस होगी।अभियोग के अनुसार 7 अक्टूबर 2016 को एमडीयू रोहतक के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर राजेश कुमार ने पुलिस को बताया था कि वह उमरा गांव का रहने वाला है और फिलहाल रोहतक में करीब 6 साल से परिवार के साथ रह रहा है। उसका छोटा भाई संजय सिलीगुड़ी में ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम कर रहा था। बड़ी बहन रोशनी हिसार रहती है। हैड टीचर पद से रिटायर पिता रामकुमार अपनी पत्नी गायत्री के साथ गांव उमरा स्थित मकान में अकेले रहते हैं।ताऊ लक्ष्मण गांव के मंदिर में पुजारी है, जिन्होंने फोन करके बताया था कि तुम्हारे माता-पिता को किसी ने चोटें मार कर मार दिया है। सूचना मिलते ही उमरा के मकान पर पहुंच गया था। आंगन में खून से लथपथ माता पिता की लाश पड़ी हुई थी। तेज हथियारों से वार करके उनकी हत्या की गई थी।कमरे की अलमारी व संधू खुले हुए सामान बिखरा हुआ था। ताऊ लक्ष्मण ने बताया कि तुम्हारे पिता रामकुमार रोज सुबह उसका खाना मंदिर में दे कर आते थे। इस बार नहीं आए तो घर जाकर देखा तो मेन दरवाजा अंदर से बंद मिला था। आवाज लगाने पर दरवाजा न खोलने पर पड़ोसियों की मदद से दरवाजा खोला गया। अंदर जाने पर दोनों के खून से लथपथ शव मिले थे। लूट के इरादे से 5 और 6 अक्टूबर की रात को उनकी हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में जांच के बाद उमरा गांव के ही विजेंद्र, जॉनी उर्फ़ अनिल और बंटी को गिरफ्तार किया था।

Related Articles

Back to top button