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मध्यप्रदेश

 रोजगार के लिए दो योजनाएं प्रारंभ करेगी मप्र सरकार

भोपाल । प्रदेश में रोजगार के लिए रिक्त पदों पर भर्ती, विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार उपलब्ध कराने के बाद अब शिवराज सरकार दो नई योजनाएं और प्रारंभ करने जा रही है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को मौका दिया जाएगा। खाद्य प्रसंस्करण से युवाओं को जोड़कर न सिर्फ स्वरोजगार दिलाया जाएगा बल्कि किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग भी प्रशस्त होगा। इसके लिए प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसमें 10 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।वहीं, उचित मूल्य की राशन दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने का काम अब परिवहनकर्ताओं से लेकर युवाओं को दिया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना लागू की जा रही है। इसमें चिह्नित युवाओं को बैंकों से ऋण स्वीकृत कराकर वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार अपनी ओर से एक लाख 25 हजार रुपये का अनुदान और तीन प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान देगी। दोनों योजनाओं पर अंतिम निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट में होगा।प्रदेश में सिंचित क्षेत्र बढऩे और बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के कारण कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है पर इसका अपेक्षित लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। किसान फसल आने के बाद उपज व्यापारियों को बेच देते हैं। वे प्राथमिक प्रसंस्करण करके उपज बेचते हैं और लाभ अर्जित करते हैं। यही काम यदि ग्रामीण स्तर पर होने लगे तो किसानों को न सिर्फ उपज का उचित मूल्य मिलेगा बल्कि युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।इसके लिए सरकार ने प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना करवाने का निर्णय लिया है। इसमें 18 से 40 वर्ष तक के स्थानीय युवाओं को सेंटर की स्थापना के लिए बैंक से ऋण दिलाया जाएगा। सरकार अपनी ओर से 40 प्रतिशत तक अनुदान, जो दस लाख रुपये से अधिक नहीं होगा, दिया जाएगा। पात्र हितग्राहियों को दाल मिल, राइस मिल, अनाज की सफाई, श्रेणीकरण सहित कृषि उत्पाद से जुड़ी अन्य मशीनों के संचालन एवं रखरखाव के संबंध में प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। तीन साल में 590 केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है।वहीं, एक करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को प्रतिमाह सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरित होने वाले खाद्यान्न को उचित मूल्य की राशन दुकान तक पहुंचाने का काम भी युवाओं को दिया जाएगा। अभी प्रदेश में 120 परिवहनकर्ता पूरे प्रदेश में 26 हजार दुकानों तक 223 प्रदाय केंद्रों से गेहूं, चावल औ नमक पहुंचाने का काम करते हैं। सरकार ने आदिवासी क्षेत्र में दुकान से गांव तक खाद्यान्न पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री आपका राशन आपके ग्राम योजना लागू की थी। अब इसका विस्तार मुख्यमंत्री अन्नदूत योजना के माध्यम से किया जा रहा है। इसमें 888 वाहन 18 से 45 वर्ष के ग्रामीणों को बैंकों से ऋण दिलाकर खरीदवाए जाएंगे। एक लाख 25 हजार रुपये की मार्जिन मनी राज्य सरकार देगी और इतनी ही हितग्राही को मिलानी होगी। तीन प्रतिशत की दर से ब्याज अनुदान और ऋण की गारंटी भी सरकार देगी। 65 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से परिवहन शुल्क और साढ़े 12 रुपये प्रति क्विंटल चढ़ाने-उतारने के लिए दिए जाएंगे। इस प्रकार प्रतिमाह एक लाख 95 हजार रुपये मिलेंगे। सभी खर्च निकालकर लाभ 16 हजार प्रतिमाह होगा। सप्ताह में दो दिन वाहन का उपयोग अन्य कार्यों में भी किया जा सकता है। इससे अतिरिक्त आय होगी।

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