धार्मिक
सनातन संस्कृति के संरक्षण संवर्धन हेतु आवश्यक है संस्कृत का विकास
6 वर्ष की उम्र से ही श्रीमद्भवद्गीता,वेद, पुराण और अन्य संकृत ग्रंथों का अध्ययन करने बाली तथा कक्षा 12 वीं में संस्कृत साहित्य में 100 में से 99 अंक हासिल करने बाली अंग्रेजी माध्यम और विज्ञान विषय की छात्रा कु.अनुश्री तिवारी को सर्व ब्राह्मण समाज मध्य प्रदेश द्वारा संस्कृत रत्न अलंकरण से अलंकृत किया गया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ .श्रद्धा तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म और सनातन संस्कृति के संरक्षण संवर्धन हेतु देववाणी संस्कृत भाषा का विकास आवश्यक है। इसके लिए बच्चों में बाल्यकाल से ही संस्कृत के प्रति लगाव पैदा करना होगा। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ एच. पी.तिवारी ने कहा कि संस्कृत के उन्नयन हेतु हमें प्रत्येक मठ मंदिर को संस्कृत शिक्षा का केंद्र बनाना होगा। विशिष्ट अतिथि डॉ. बी. एल.गौतम ने संस्कृत के विकास हेतु सामाजिक सहयोग का आह्वान किया। समारोह व्यास,मालती तिवारी, डॉ.रंजना गौतम ,आशुतोष तिवारी,राजू यादव , कृपा शंकर तिवारी , जीवेश पांडे व संतोष दुबे सहित बड़ी संख्या में धर्मनिष्ठ संस्कृत प्रेमी उपस्थित थे।






