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मध्यप्रदेश

पुनर्वास स्थल पर सड़क, नाली, बिजली, पानी की व्यवस्था करने की मांग

बैतूल; बैतूल के सोनाघाटी इलाके में रह रहे पारदियों ने उनका पुनर्वास कराने की मांग की है। उन्होंने पुनर्वास होने पर एक्सीलेंस स्कूल ग्राउंड छोड़ने का भरोसा दिलाया है। इसे लेकर रविवार को उन्होंने सोनाघाटी में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से हाईकोर्ट के निर्देशों के पालन की भी मांग की है।प्रशासन ने सोनाघाटी इलाके में पारदी परिवारों को विस्थापित किया था, लेकिन एक्सीलेंस स्कूल ग्राउंड के सभी पारदी वहां नहीं पहुंचे थे। वे मौके पर सुविधाएं न होने का आरोप लगा रहे हैं। पारदियों ने कहा कि हम 2007 के पहले से मुलताई के ग्राम चौथिया में रह रहे थे। 2007 में हिंसा, आगजनी, हत्या, लूट के बाद पीड़ित 100 से अधिक पारधी परिवारों को उत्कृष्ट स्कूल ग्राउंड बैतूल में रखा गया है। यहां पर हमारा समाज और समाज के लोग अमानवीय स्थिति में मूलभूत सुविधाओं से वंचित जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इसके संबंध में उच्च न्यायालय जबलपुर में पुनर्वास याचिका प्रस्तुत की गई थी। इसमें उच्च न्यायालय ने शासन प्रशासन को पुनर्वास के लिए आदेश दिया है।हाईकोर्ट के आदेश पर भी पुनर्वास नहींउच्च न्यायालय के आदेश के 5-6 वर्ष उपरांत भी पारधी परिवारों को पुर्नवास नहीं हो पाया है। जिला प्रशासन ने पुनर्वास एवं भवन निर्माण के लिए ग्राम सोनाघाटी में कुछ पारधी परिवारों को पट्टे आवंटित किए हैं। आवंटित की गई भूमि पर सड़क, नाली, बिजली, पानी, स्कूल, आंगनवाड़ी का अभाव है। 20 पारधी परिवारों को पट्टे आवंटित नहीं हो पाए हैं। हमारे पास मकान निर्माण के लिए धनराशि भी नहीं है। यह राशि भी शासन से दिलाई जाए। पारदियों ने कहा कि हमाने कई बार पुनर्वास के लिए कहा है। पुनर्वास के लिए आवंटित स्थल पर सुविधाओं हों तो सभी सोनाघाटी में आवंटित स्थल पर रहने चले जाएंगे।

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