ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

मार्च तक दूसरे ट्रैक पर भी दौड़ेगी ट्रेन

देवास:उज्जैन से देवास और देवास से इंदाैर के बीच में रेल लाइन का दाेहरीकरण 4 साल से चल रहा है। पहले चरण में उज्जैन से कड़छा रेलवे स्टेशन तक काम पूरा हाे गया है और दूसरे चरण का काम कड़छा से देवास व बिंजाना रेलवे स्टेशन तक चल रहा है। तीसरे चरण का काम बिंजाना से लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन तक होगा। दूसरे चरण में लाइन डल चुकी है, अब स्टेशन काे जाेड़ने वाले पाइंट और क्राॅसिंग जाेड़ने, नालाें पर अंडर ब्रिज बनना शेष है। यह काम मार्च 2023 तक पूरा हाेकर दाेनाें ट्रैक पर ट्रेनें दाैड़ने लगेंगी। दाेनाें लाइन चालू हाेने से देवास तक ट्रेनाें की क्राॅसिंग बंद हो जाएगी। इससे यात्रियाें का 56 मिनट तक का समय बचेगा।देवास रेलवे स्टेशन से 24 घंटे में 50 यात्री ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें से प्रतिदिन 7 से 10 ट्रेनाें की क्राॅसिंग हाेती हैं। प्रतिदिन औसतन 8 ट्रेनाें की क्राॅसिंग हाे रही हैं। एक ट्रेन काे क्राॅस करने में 7 मिनट तक समय लगता है। इस तरह से 24 घंटे में 56 मिनट का अतिरिक्त समय ट्रेनाें काे गुजरने में लग रहा है। देवास में नाले पर अंडर ब्रिज का काम चल रहा है। इसके बाद बीराखेड़ी नाला फिर बिंजाना स्टेशन के पास की नागधम्मन नदी के अंडर ब्रिज का काम होगा। बिंजाना से कुछ किमी दूर शिप्रा नदी पर ब्रिज की ऊंचाई बन गई है।शिप्रा नदी : रेलवे ब्रिज बनने से पहले दीवार से निकल रहा मटेरियलशिप्रा नदी पर रेलवे की दूसरी लाइन डालने से पहले ब्रिज की हाइट का काम पूरा हाे गया है। नदी किनारे से ब्रिज की शुरुआत वाली एक दीवार में मटेरियल में गुणवत्ता नहीं दिख रही है। भास्कर टीम ने माैके पर जाकर देखा ताे पूरे ब्रिज की दीवाराें में से एक दीवार का मटेरियल हाथ से दबाने पर निकल रहा है। किस तरह की गुणवत्ता से काम हुआ यह ताे निर्माण कार्य करने वाली कंपनी के इंजीनियर ही बता सकते हैं। अगर ब्रिज की दीवार पर फाेकस नहीं किया ताे लाइन चालू हाेने पर ट्रेनें तेज गति से निकलती हैं, कहीं हादसा न हाे जाए।79 किमी की तक डलेगी दूसरी लाइनउज्जैन से शुरू हुआ दूसरी लाइन का काम इंदाैर तक 79 किमी तक हाेगा। उज्जैन से विक्रमनगर, कड़छा, नारंजीपुर, देवास, बिंजाना, बरलई, मांगलिया, लक्ष्मीबाई नगर तक लाइन डलेगी।मार्च तक बिंजाना का काम हाेगा पूरालाइन के दाेहरीकरण का काम बिंजाना तक मार्च 2023 में पूरा हाेकर ट्रेनें चलना शुरू हाे जाएंगी। आगे का कार्य उसके बाद शुरू हाेना है। -अली हुसैन सिद्दिकी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलवे, देवासइंजीनियर से बाेलकर दिखवाते हैंशिप्रा ब्रिज की दीवार से मटेरियल निकल रहा है ताे हम संबंधित इंजीनियर से बाेलकर दिखवाते हैं। लाइन का काम इंदाैर तक आने वाले वर्षों में पूरा हाेगा। -खेमराज मीणा, पीआरओ, रेलवे इंदाैर।

Related Articles

Back to top button