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मध्यप्रदेश

‘मामा’ के अफसरों ने हाथ खड़े किए तो मौसी ने करा दिए फेरे

नीमच: यह कहानी है उस अनूठी शादी की, जिसका होना जाना सामान्य से अलग है। शाहरूख खान के बर्थ डे पर दुल्हनिया आखिर अपने दिलवाले के घर चली गई। न दूल्हे के मां बाप हैं, न दुल्हन के। कुदरत का कहर तो कभी सरकारी उलझन का नोटिस। ऐसे में ये शादी कैसे अपने तय दिन हो गई, बताते हैं सबकुछ… और ये भी कि क्यों इस भांजी की मदद नहीं कर पाए ‘मामा’, फिर कैसे हुए फेरे…राजस्थान के उदयपुर की रहने वाली उर्वशी सालवी के परिवार में दादा, दादी, मां, बाप और भाई सब थे। हंसता-खेलता परिवार कुछ सालों पहले काम धंधे के लिए नीमच आ गया।उम्र ढलने से दादा, दादी बरसों पहले चल बसे। पिता का देहांत पांच-छह साल पहले हो गया। उर्वशी के घर में सिर्फ मां और भाई बचे। जैसे-तैसे घर का खर्च चलता रहा। मुंहबोली मौसी भी काम के सिलसिले में यहीं रहती थी तो उनसे भी मदद मिल जाया करती थी।आठवीं तक ही पढ़ पाई उर्वशी जब 18 साल की होने को आई तो मां अपने ही समाज में रिश्ता ढूंढ़ना शुरू कर दिया। उसी शहर में लड़का चेतन सालवी पसंद आ गया। वह भी बिन मां बाप का अकेला बेटा है। किसी कंपनी में एक्जीक्यूटिव है। सबकुछ ठीक चल रहा था।पिछले साल शादी की तैयारियां शुरू हो गईं। हल्दी लगने वाली थी कि पांच दिन पहले उर्वशी की मां चल बसी। इसने उर्वशी की पूरी जिंदगी बदलकर रख दी।शादी टल गई। सबकुछ खत्म सा हो गया। लगा अब उर्वशी कैसे जिएगी, भाई को कैसे पालेगी। नई जिंदगी का सपना टूट गया।सालभर यूं ही गुजरता गया। फिर तय हुआ कि सालभर होने पर शादी कर लेना चाहिए। पर सवाल उठा कि इतना खर्च कैसे उठाएंगे?माता-पिता और छोटे भाई के साथ उर्वशीकिसी ने सलाह दी कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में सरकार शादी कराती है। साथ ही आर्थिक मदद भी मिलती है। यह बात दोनों को जंच गई और उन्होंने नगर पालिका नीमच में आवेदन कर दिया। यहां देवउठनी ग्यारस पर शादी होना तय हो गई।उन्होंने 18 अक्टूबर 2022 को समयसीमा में आवेदन कर दिया था और यह आश्वासन मिला था कि 4 नवंबर को विवाह करा दिया जाएगा। इसी हिसाब से रिश्तेदारों और पड़ोसियों को सूचना दे दी गई। खरीदारी कर ली गई।पर ये क्या, उर्वशी की जिंदगी को एक और झटका लगा। जब नगर पालिका ने यह कहकर आवेदन रद्द कर दिया कि आपकी उम्र 18 साल नहीं है, शादी नहीं करा सकते।उर्वशी हैरान रह गई। उसका कहना है कि वह 18 साल से ज्यादा की है। आवेदन के साथ आठवीं की मार्कशीट, आधार कार्ड लगाए हैं, जिनमें जन्म तारीख 1 जनवरी 2004 है। इस हिसाब से वह 18 साल से अधिक की हैं।आठवीं की मार्कशीटनगर पालिका का कहना था कि समग्र आईडी की जन्म तारीख से ये तारीख मैच नहीं हो रही है। उसमें 17 साल ही उम्र आ रही है, ऐसे में अंतत: आवेदन रद्द कर दिया गया है। कोई मदद नहीं हो सकती।फेरे से 24 घंटे पहले इस सूचना ने फिर सबको चिंतित कर दिया। अब क्या होगा, कहां होगा।निरस्ती पत्रयह बात पड़ोस में ही रहने वाली मौसी नेहा खाती, मामा दीपक बैरागी को पता चली तो उन्होंने मदद का फैसला किया। इतना ही नहीं, नगर पालिका सीएमओ, अपर कलेक्टर भी मामला भांप गईं।सबने मिलकर खर्च उठाने का फैसला किया। संयोग देखिए दुल्हनिया अपने तय दिन ही फेरे ले कर अपने दिलवाले के घर चली गई।यह है मुख्यमंत्री कन्यादान योजनामुख्यमंत्री कन्या विवाह प्रोत्साहन, सहायता योजना 2022 (Mukhyamantri Kanyadan Yojana MP) का उद्देश्य लड़कियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। मुख्यमंत्री विवाह प्रोत्साहन या कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह करने वाली सभी कन्याओं की शादी पर सरकार 55,000 रुपए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। लड़की की शादी के लिए 18 साल और लड़के की शादी के लिए 21 साल की उम्र सीमा है।

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