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उत्तरप्रदेश

कोर्ट ने दी जमानत, 22 साल पहले सपा नेता को थाने में बैठाया था

जालौन: जालौन में 22 साल पहले समाजवादी पार्टी के नेता को जिला पंचायत चुनाव के दौरान जबरन थाने में बैठाया गया था। इस मामले में सपा नेता ने एसडीएम और थानाध्यक्ष के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। जिस पर तत्कालीन एसडीएम और थानाध्यक्ष के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया था। इस मामले में बुधवार को तत्कालीन उप जिलाधिकारी ने कोर्ट में सरेंडर किया, हालांकि लेकिन कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।साल 2000 में पंचायत चुनाव के दौरान जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार विष्णुपाल सिंह नन्नू राजा को चुर्खी थाने में बंधक बनाकर बैठा लिया गया था। इस मामले में सपा नेता विष्णुपाल सिंह ने तत्कालीन थानाध्यक्ष मोहम्मद गौश और कालपी तहसील के तत्कालीन एसडीएम जेपी चौरसिया के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के लिये कोर्ट में अर्जी दी थी। जिसे स्वीकार कर लिया गया था।हाईकोर्ट खारिज की थी अर्जीकरीब 22 साल कोर्ट में चले मुकदमे के बाद तत्कालीन एसओ मोहम्मद गौश एवं कालपी एसडीएम जेपी चौरसिया के विरुद्ध डकैती कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। जिसके बाद दोनों लोगों ने हाईकोर्ट में अर्जी डाली थी, मगर वहां से भी कोई राहत नहीं मिलने पर तत्कालीन एसओ मोहम्मद गौश ने दो महीने पहले कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। बुधवार को तत्कालीन एसडीएम जेपी चौरसिया ने भी डकैती कोर्ट में सरेंडर कर दिया। हालांकि जेपी चौरसिया को तत्काल जमानत मिलने से उनको जेल नहीं जाना पड़ा।कोर्ट ने कई बार जारी किया था नोटिसविष्णुपाल सिंह दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। सपा के वे जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्तमान में शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी में हैं। शासकीय अधिवक्ता महेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जेपी चौरसिया के विरुद्ध कई बार नोटिस जारी किया जा चुका था। जिसके बाद उन्होंने आज कोर्ट में सरेंडर किया है, लेकिन उन्हें कोर्ट ने जमानत दे दी।

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