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रेलवे में नौकरी देने के नाम पर मुरैना के युवक से 10 लाख की ठगी
मुरैना नौकरी के नाम पर देश में तमाम जगह फर्जी बाड़ा चल रहा है वही मुरैना में भी सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर एक युवक से 10 लाख रु की ठगी की गयी है दरअसल मुरैना के कैमरा गांव के रहने वाले जितेंद्र कुमार को गांव के ही एक युवक एवं उसके साथी ने रेलवे में सरकारी नौकरी का सपना दिखाया और उससे कहा कि हम तुम्हारी नौकरी रेलवे में लगवाएंगे और उसे एवज 10 लाख रुपए देने होंगे ठग रिंकू पिपल एवं शुभम त्यागी ने पीड़ित को अपने झांसे में लेने के लिए बताया कि मैं गृह मंत्रालय में एलडीसी के पद पर पदस्थू और तुम्हारी नौकरी भी लगवा दूंगा। सरकारी नौकरी के लालच में पीड़ित युवक ने 2 लाख रु नगद एवं 8 लाख रु ऑनलाइन उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने पीड़ित जितेंद्र कुमार को अपने जाल में ऐसा फसाया की उसका ऑनलाइन रिजल्ट भी रेलवे की साइट पर दिखाया और जब रिजल्ट आया तो उसके बाद रेलवे के अस्पताल में उसका मेडिकल भी हुआ पीड़ित जितेंद्र कुमार को लगा कि अब तो रेलवे में नौकरी लग जायेगी जैसे ही उसकी जॉइनिंग लेटर घर आया और वह अपने घर से मां का आशीर्वाद लेकर ज्वाइन करने नई दिल्ली निजामुद्दीन पहुंचा तो पता चला कि उसका जॉइनिंग लेटर फर्जी है वहां मौजूद अधिकारियों ने उसे बताया कि आपके साथ किसी ने ठगी की है और ये जॉइनिंग लेटर रेलवे का नहीं बल्कि फर्जी तरीके से बनाया गया है अपने फर्जी जॉइनिंग लेटर को लेकर घर लौट मायूस जितेंद्र कुमार ठगो के घर पहुंचा और उसने उनसे बात की तो ठगो ने उल्टा उसके साथ मारपीट कर उसको वहां से भगा दिया। पीड़ित युवक जितेंद्र कुमार पर पिता का साया नहीं है कुछ सालों पहले उसके पिता की एक बीमारी के कारण मौत हो गई घर में एक वृद्ध विकलांग मां व छोटा भाई हैं, घर की आर्थिक स्थिति को देखकर पीड़ित युवक के मन में लालच आ गया और वह रेलवे की नौकरी का सपना देखने लगा लेकिन ठगो ने उसे अपने जाल में ऐसा फसाया कि वह नौकरी तो छोड़ो अब वह दर दर की ठोकर खा रहा है। पीड़ित युवक ने गांव के ग्रामीणों से तीन सैकड़ा के ब्याज पर 8 लाख रु उधार लेकर ठगों को दे दिए उसको लगा के अगर नौकरी लग गई तो मैं सारी रकम चुका दूंगा लेकिन ठगों ने उसकी रकम भी खाली और उसको नौकरी भी नहीं मिली अब ना तो उसकी कोई सुनने वाला है ओर ना ही नहीं कोई समझने वाला। पीड़ित का कहना है कि अगर मेरी किसी ने मदद नहीं की तो मुझे अब आत्महत्या करनी पड़ेगी क्योंकि उधारी का 8 लाख रू ब्याज इतना हो चुका है कि वह उसे भरने में असमर्थ है पीड़ित जितेंद्र कुमार अपने साथ हुई 10 लाख रुपए की ठगी को लेकर अब अधिकारियों और थानों के चक्कर काट रहा है लेकिन अभी तक उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई है उसका कहना है कि अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मुझे आत्महत्या कर अपनी जान देनी पड़ेगी।



