ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

एक लाख करोड़ के घाटे वाली 33 कंपनियों ने भाजपा को दिया 450 करोड़ का चंदा।

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर चुनावी बॉन्ड के नाम पर बड़ा घोटाला किए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन 33 कंपनियों ने अपने खातों में पिछले सात सालों में एक लाख करोड़ का घाटा दर्शाया है, उन्हीं कंपनियों ने भाजपा को 450 करोड़ का चंदा दिया है। इनमें से 17 कंपनियों ने तो कोई टेक्स भी नहीं चुकाया विगत दिनों तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद आप के वरिष्ठ नेता संजय सिंह का रुख भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ पहले से ज्यादा सख्त है। उन्होंने भाजपा पर तथ्यपूर्ण आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने इलेक्टोरल बांड के माध्यम से पर्दे के पीछे एक बड़ा खेल खेला है। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां घाटे में चल रही हों वो किसी पार्टी को चंदा कैसे दे सकती हंैै। यह आश्चर्यजनक है कि ऐसी 33 कंपनियों ने भाजपा को चंदा दिया, जिन्होंने अपनी आयकर विवरणिका में पिछले सात सालों में 1 लाख करोड़ का घाटा दिखाया है और इनमें से 17 कंपनियों ने कोई टैक्स भी नहीं चुकाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एक बड़ा भ्रष्टाचार है, जिसकी जांच की जानी चाहिए कि किस तरह भ्रष्ट कंपनियों और अपनी पार्टी को लाभ पहुंचाने के लिए भाजपा ने चंदे के नियमों में बदलाव कर पुरानी प्रक्रिया को बदलकर इलेक्टोरल बांड योजना बनाई और इस योजना में चंदा देने वाली कंपनियों और लेने वाले दलों के नाम उजागर नहीं किए जाने का नियम बनाया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button