ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मुख्य समाचार

मध्य प्रदेश में अब सीधा डाक्टरों के खाते में जाएगा ग्रामीण क्षेत्र भत्ता।

भोपाल। प्रदेश भर के सरकारी डाक्टरों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब उन्हें ग्रामीण क्षेत्र भत्ता लेने के लिए सीएमएचओ कार्यालय का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। हर माह की पांच तारीख को उनके खाते में राशि पहुंच जाएगी। उप मुख्यमंत्री स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राजेंद्र शुक्ल को शिकायत मिली थी कि डाक्टरों को समय पर प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है।उन्हें यह राशि देने में आनाकानी की जाती है। इसके बाद उन्होंने राशि आनलाइन उनके खाते में डालने के लिए कहा है। इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। सूत्रों के अनुसार ऐसी भी शिकायतें मिल रही थीं यह राशि लेने के लिए पांच से 10 प्रतिशत तक कमीशन भी डाक्टरों को देना पड़ रहा था। मध्य प्रदेश में पहले से ही ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में डाक्टरों की कमी है। 300 से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) बिना डाक्टर के हैं। बाकी पूरा स्टाफ है, पर डाक्टर नहीं होने से रोगियों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। अधिकतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी दो से तीन विशेषज्ञ ही हैं।इस कारण सीजर डिलीवरी भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में डाक्टरों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र भत्ता शुरू किया था, पर यह उनके वेतन के साथ नहीं मिल रहा था। निर्धारित मापदंड के अनुसार एक डाक्टर का 25 से 40 हजार रुपये तक भत्ता बनता था। इसके लेने के लिए डाक्टरों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही थी।भुगतान के बदले कमीशन मांगने की बात भी आ रही थी, पर डाक्टर डर के चलते बोल नहीं पा रहे थे। अब संचालक वित्त व एनएचएम की मिशन संचालक प्रियंका दास ने सभी सीएमएचओ को आदेश जारी कर कहा है हर माह की पांच तारीख को भत्ता खाते में नहीं आने पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button