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मुरैना यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा चालक को बनाया बंधुआ मजदूर बैरिगेट उठाने के लिए रिक्शा थाने में रखवाकर करवाई मजदूरी।

मुरैना। वैसे तो यातायात विभाग शहर की यातायात व्यवस्था दुरूस्त रखने में कोई रूचि नहीं रखता है। वहीं अब यह विभाग ई-रिक्शा चालकों को आये दिन परेशान करते रहते हैं। ऐसा ही एक मामला सोमवार को देखने को मिला जहां एक ई-रिक्शा चालक को बैरिगेट उठवाने के लिए उसका ई-रिक्शा यातायात थाने में रख लिया और उसे बैरिगेट उठाने के लिए मजदूरी कराने के लिए ले गए। ई-रिक्शा चालक का कहना था कि मुझे बच्चों को स्कूल लेने जाना है लेकिन यातायात विभाग के कर्मचारियों ने उसकी एक न सुनी। जानकारी के अनुसार यातायात विभाग अपनी बिगड़ी हुई यातायात व्यवस्था को लेकर वैसे तो चर्चाओं में बना ही रहता है। लेकिन सोमवार को यातायात विभाग का एक अलग ही रूप देखने को मिला। जहां ई-रिक्शा चालक को मजदूरी करने के लिए उसका ई-रिक्शा थाने में रखवा लिया और उक्त चालक को बैरीगेट उठवाने के लिए मजबूर कर दिया। वहीं ई-रिक्शा चालक यातायात विभाग के कर्मचारियों से यह गुहार लगाता रहा कि मुझे बच्चों को स्कूल लेने जाना है बावजूद इसके यातायात विभाग के कर्मचारियों ने उसकी एक न सुनी और उसे बैरीगेट उठवाने के लिए ले गए। वहीं दूसरी तरफ शहर में यातायात व्यवस्था चारों खाने चित्त पड़ी हुई है। अगर शहर के मुख्य मार्गों पर एक भी वाहन थोड़ी देर के लिए रूक जाये तो काफी लंबा जाम लग जाता है। वहीं फाटक बाहर तो यातायात बाधिक होना रोज की बात हो गई है। सरालग के समय तो यहां पर ऐसी स्थिति हो जाती है कि घंटों जाम लगा रहता है और लोगों को इससे काफी परेशानी होती है। यह सब जानते बूझते हुए भी यातायात विभाग द्वारा इसका कोई हल नहीं निकाला गया है। वहीं यातायात विभाग का इंटरसेप्टर वाहन केवल और केवल नाम मात्र के लिए रह गया है। सूत्रों द्वारा कथित तौर पर बताया गया है कि शासन द्वारा यातायात विभाग को दिया गया इंटरसेप्टर वाहन वसूली के रूप में उपयोग किया जा रहा है यह वसूली सुबह केवल 3 घंटे की जाती है जिसका टारगेट लगभग 30 हजार रूपये प्रतिदिन का होता है जो यातायात विभाग के भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों के जेबों में आरोपित तौर पर सीधा जाता है। इसके अलावा ओव्हरलोड वाहनों से भी यातायात विभाग द्वारा खुलेआम वसूली कथित तौर पर की जाती है। *इनका क्या कहना है* आपके द्वारा दिखाया विडियो संज्ञान में है हम रोहित यादव ने बात करते हैं *एडिशनल एसपी डॉ अरविंद ठाकुर*

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