ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
उत्तरप्रदेश

प्रयागराज: बुजुर्ग को आया हार्ट अटैक, राम किट से बचाई अपनी जान

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हैरान करने वाला मामला सामने आया है. प्रयागराज के एक बुजुर्ग को अचानक दिल का दौरा पड़ा, लेकिन उसने सूझबूझ दिखाई. उसके पास राम किट थी. उसने इसका इस्तेमाल किया और उसकी जान बच गई. बुजुर्ग को शहर के छावनी अस्पताल की तरफ से निशुल्क राम किट दी गई थी. बुजुर्ग का नाम उमेश है, जिनकी उम्र 60 साल बताई जा रही है.

प्रयागराज के म्योराबाद में रहने वाले 60 साल के उमेश को राम किट से नई जिंदगी मिल गई जो राम उत्सव के अवसर पर सेना के अस्पताल के डाक्टरों की तरफ से मुफ्त में लोगों को बांटी गई थी. उमेश की पत्नी आशा बताती हैं कि उमेश को रविवार शाम को दिल का दौरा पड़ा. वह बेहोश होने लगे, तभी उनको याद आया कि कुछ दिनों पहले उन्हे राम किट मिली थी. उन्होंने किट में मौजूद दवाओं को खा लिया. इससे उन्हें अस्पताल जाने का मौका मिल गया और उनकी जान बच गई.

उमेश पेशे से ड्राइवर हैं और जिस समय उन्हे दिल का दौरा पड़ा वह अपनी गाड़ी में थे. उमेश ने समझदारी दिखाते हुए अपने पर्स में राम किट के निर्देशों को पढ़ा. इसके बाद किट में रखीं तीनों दवाएं खा लीं. हालत देख राहगीरों ने उन्हें बेली अस्पताल पहुंचाया. वहां हार्ट अटैक की पुष्टि हुई. चिकित्सकों ने कुछ दवाएं देकर इन्हें छावनी सामान्य अस्पताल रेफर कर दिया.

‘राम किट की दवाएं उनके लिए संजीवनी बन गईं’

छावनी अस्पताल की जनरल फिजिशियन डॉक्टर वैशाली सिंह बताती हैं कि अस्पताल में उमेश की जब जांच की गई तो उनका बीपी 60-40 और पल्स 22 थी. हार्ट अटैक आया था. राम किट की दवाएं उनके लिए संजीवनी बन गईं. अब वह खतरे से बाहर हैं. उमेश की पत्नी आशा देवी बताती हैं दिल का दौरा पड़ने के बाद वह रास्ते भर वह राम-राम जपते रहे। मैं तो यही कहूंगी कि मेरे पति की जान भगवान राम ने ही बचाई है.

क्या है राम किट

दिल के लिए मरीजों के लिए इमरजेंसी के लिए राम किट बनाई गई है. इस किट पर भगवान राम की तस्वीर के साथ हम इलाज करेंगे, वह इलाज करेंगे लिखा हुआ है. डॉक्टर वैशाली सिंह बताती है कि इसमें जरूरी दवा और अस्पताल हेल्पलाइन नंबर भी शामिल हैं. राम किट में तीन जरूरी दवाएं शामिल हैं. इसमें एस्प्रिन (खून पतला करने की), रोसुवासटेटिन (कोलेस्ट्राल घटाने) व सोर्विट्रेट (हार्ट के फंक्शन को बढ़ाने) की दवा मौजूद है जो हार्ट डिजीज से पीड़ित किसी को भी जल्द राहत देने में मददगार है. सर्दियों में दिल की बीमारियां और ब्रेन स्ट्रोक के मामले बढ़ने के साथ ही राम किट उपयोगी होगी.राम किट का नाम भगवान राम पर इसलिए रखा गया है, क्योंकि भगवान को सभी मानते हैं और विश्वास भी करते हैं.

Related Articles

Back to top button