ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
देश

कारसेवकों पर फायरिंग को शिवपाल यादव ने बताया सही, बोले- संविधान की रक्षा के लिए चलवाई गोली

समाजवादी पार्टी (सपा) के महासचिव और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने गुरूवार कहा कि अक्टूबर 1990 में अदालत के आदेश का पालन करने और संविधान की रक्षा करने के लिए तत्कालीन सपा सरकार के राज में अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाई गई थी। यादव ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाये जाने को जायज ठहराते हुए कहा, “देखिए, संविधान की रक्षा की गई थी। अदालत के आदेश का पालन हुआ था।”

शिवपाल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर इस घटना को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा, “भारतीय जनता पार्टी के लोग तो केवल झूठ बोलते हैं। बताइए अदालत के आदेश का पालन हुआ था या नहीं? संविधान की रक्षा हुई थी। वहां पर जब अदालत का स्थगन आदेश था, यथा स्थिति बनाए रखनी थी तो वहां पर जो विवादित ढांचा था, जो बाबरी मस्जिद थी, उसे जब इन लोगों ने तोड़ा था तो वहां के प्रशासन की जिम्मेदारी थी कि वह अदालत के आदेश के अनुरूप यथास्थिति बनाए रखे।”

यादव ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा, “उस वक्त संविधान का उल्लंघन किसने किया था? किसने अदालत के आदेश का उल्लंघन किया था? उनके खिलाफ तो कार्रवाई होनी चाहिए थी।” उत्तर प्रदेश की तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के शासनकाल में 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में कर्फ्यू के दौरान जबरन बाबरी मस्जिद के नजदीक स्थित हनुमानगढ़ी जा रहे कारसेवकों पर प्रशासन द्वारा गोलियां चलवाई गई थीं, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हुई थी।

Related Articles

Back to top button