ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़

‘क्या आपको पता है वो माओवादी हैं कौन?’, सुशील आनंद शुक्ला ने गृहमंत्री से पूछा ये सवाल

रायपुर:  प्रदेश में बीजेपी की सरकार आने के बाद लगातार एक्शन मोड में है। प्रदेश में बढ़ते अपराध को रोकने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं वहीं अब दूसरी ओर नक्सल मामले को लेकर एक्शन मोड में आ गए हैं। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, माओवादी सामने नहीं आना चाहते तो मैं वीडियो कॉल से बात करने तैयार हूं। उनके इस बयान को लेकर कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि क्या आपने माओवादियों को चिन्हांकित कर लिया जो उनसे वीडियो कॉल पर बात करेंगे, क्या आपको पता है वो माओवादी हैं कौन?

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एक हफ्ते पहले आपने बयान दिया था, नक्सलियों को घर में घुसकर मारेंगे, किसी को बक्शा नहीं जाएगा, ये सरकार माओवाद के बारे दिग्भ्रमित है। इन्हें समझ नहीं आ रहा क्या करना है। अगर ऐसा है तो इन्हे पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाना चाहिए। जिससे नक्सल घटना में कमी आएगी।

आपको बता दें ​कि छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज डायल 112 सेटअप का निरीक्षण किया। इस दौरान गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा, माओवादी सामने नहीं आना चाहते तो मैं वीडियो कॉल से बात करने तैयार हूं। माओवादियों ने विकास क्यों रोक कर रखा है। माओवाद क्षेत्र के लोग भी फिल्मों में हीरो बनना चाहते हैं।

Related Articles

Back to top button