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मध्यप्रदेश

भोपाल गैस पीड़ितों के इलाज में लापरवाही मामला, 4 IAS और 9 अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

जबलपुर। मध्य प्रदेश की राजधानी में हुए गैस कांड में प्रभावितों के स्वास्थ्य के साख खिलवाड़ करने के मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है। भोपाल गैस पीड़ितों के इलाज में लापरवाही के मामला में आज जबलपुर हाईकोर्ट अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगा। जस्टिस शील नागू की डिवीजन बैंच में सुनवाई होगी। इस मामले में 4 IAS सहित 9 अधिकारियों पर अवमानना की गाज गिर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मॉनिटरिंग कमेटी की अनुशंसाएं ना मानने पर अवमानना याचिका दायर हुई है। इस मामले में इन अधिकारियों पर अवमानना की तलवार लटकी हुई है। जिसमें पूर्व IAS इकबाल सिंह बैस, ACS मध्य प्रदेश मोहम्मद सुलेमान, राजेश भूषण पूर्व सचिव केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, आरती आहूजा पूर्व सचिव रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, डॉ प्रभा देसीकरन पूर्व निदेशक बीएमएचआरसी, डॉ आर आर तिवारी संचालक निरेह, अमर कुमार सिन्हा राज्य सूचना अधिकारी, विनोद कुमार विश्वकर्मा एनआईसी, आर रामाकृष्णन उपसंचालक आईसीएमआर पर गाज गिर सकती है।

 गौरतलब है कि 4 दिसंबर को 1984 में भयानक उद्योगिक दुर्घटना हुई थी जिसे भोपाल गैस कांड के नाम से भी जाना जाता है। इसकी चपेट में आए गैस पीड़ितों को सही इलाज और शोध व्यवस्था मे सहयोग नहीं देने और सुप्रीम कोर्ट के भोपाल गैस पीड़ितों के स्वास्थ्य के मामले के 9 अगस्त 2012 के आदेश की लगातार अवमानना के संबंध पर अवमानना का प्रकरण दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद आज 17 जनवरी को इस मामले में बड़ा फैसला होने जा रहा है।

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