ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

हमीदिया अस्पताल को एनएबीएच प्रमाण पत्र दिलाने की तैयारी, यह आएगा बदलाव

भोपाल। राजधानी के हमीदिया अस्पताल को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फार हास्पिटल्स (एनएबीएच) प्रमाण पत्र दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे नए साल में हमीदिया में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके लिए सरकार द्वारा अधिकृत कंपनी से मेडिकल कालेज प्रबंधन का एमओयू हो गया है।

एनएबीएच का प्रमाण पत्र दिलाने का पहली बार प्रयास

प्रदेश के सभी 14 सरकारी मेडिकल कालेजों से संबद्ध अस्पतालों को एनएबीएच का प्रमाण पत्र दिलाने का पहली बार प्रयास हो रहा है, जिसमें भोपाल मेडिकल कालेज का अस्पताल भी शामिल है। यह प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए अस्पतालों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना होगा। साथ ही प्रमाण पत्र मिलने के बाद भी सेवाएं बेहतर रखनी होंगी। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया को प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था।

इस तरह मिलता है प्रमाण पत्र

यह प्रमाण पत्र क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया की तरफ से दिया जाता है। पहला चरण एंट्री लेवल का होता है, इसमें अस्पताल की गुणवत्ता के स्तर में सुधार करना होता है। इसके बाद दूसरा चरण प्रोग्रेसिव स्तर का होता है, इसमें अस्पताल को कुछ मापदंडों पर खरा उतरना पड़ेगा। इस चरण को पूरा करने के बाद अंतिम सर्टिफिकेट दिया जाता है। यह प्रक्रिया लंबे समय तक चलती है। मेडिकल कालेज के डीन डा. सलिल भार्गव ने बताया कि एनएबीएच के लिए एमओयू हो गया है। इसकी देखरेख खुद अधीक्षक हमीदिया कर रहे हैं।

Related Articles

Back to top button