ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
दिल्ली NCR

PM मोदी को ‘जेबकतरा’ बोलने पर बढ़ीं राहुल गांधी की मुश्किलें…दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया 8 दिन का समय

नई दिल्ली:   दिल्ली हाई कोर्ट ने वीरवार को निर्वाचन आयोग से कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए की गई कथित ‘‘जेबकतरे” वाली टिप्पणी के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जारी किये गये नोटिस पर आठ सप्ताह के भीतर निर्णय ले। कांग्रेस नेता ने पिछले महीने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए ‘जेबकतरे’ और अन्य टिप्पणियां की थी।

 अदालत उस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें गांधी के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक नेताओं द्वारा इस तरह के ‘‘कदाचार” को रोकने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने का अनुरोध किया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हालांकि कथित बयान ‘‘उचित नहीं हैं” और निर्वाचन आयोग (ईसी) मामले की जांच कर रहा है और यहां तक कि गांधी को नोटिस भी जारी किया गया है।

न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने आदेश दिया, ‘‘यह मानते हुए कि जवाब दाखिल करने की समय सीमा समाप्त हो गई है और कोई जवाब नहीं मिला है, अदालत ने निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह इस मामले पर यथासंभव शीघ्रता से आठ सप्ताह के भीतर निर्णय ले।”

अदालत ने कहा कि 23 नवंबर को भेजे गए नोटिस में निर्वाचन आयोग ने खुद कहा था कि वह इस मामले में उचित कार्रवाई करेगा। याचिकाकर्ता भरत नागर ने उच्च न्यायालय को बताया कि गांधी ने 22 नवंबर को एक भाषण दिया था जिसमें प्रधानमंत्री सहित ‘‘उच्चतम सरकारी पदों” पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ ‘‘गंभीर आरोप” लगाए गए थे और उन्हें ‘‘जेबकतरे” के रूप में संदर्भित किया गया था।

Related Articles

Back to top button