चिकित्सा महाविद्यालय पहुंची विधायक के साथ डाक्टर ने की अभद्रता, ये है मामला
खंडवा । जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार है। यहां मरीजों के साथ ठीक से व्यवहार नहीं होने की शिकायतें आम हो चुकी है। जिला अस्पताल में अब आम जनों के साथ ही खास लोगों को भी दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक बनने के बाद शुक्रवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची। विधायक कंचन मुकेश तनवे को भी अस्पताल में दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। वहीं जिला अस्पताल में पसरी अव्यवस्थाओं को देख विधायक ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने हर दो से तीन दिन में यहां का निरीक्षण करने की बात भी कही।
दरअसर, स्वर्गीय नंद कुमार सिंह चौहान शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में निरीक्षण करने पंहुची खंडवा विधायक तनवे के साथ महिला डाक्टर ने बदसलूकी की। भाजपा विधायक कंचन तनवे ने आरोप लगाया है कि जब वे अपने परिचित मरीज की शिकायत पर मेडिकल कालेज के अस्पताल पंहुची तो वहां पर अव्यवस्थाएं थीं। नर्स और डाक्टर वार्ड में नजर नहीं आए। विधायक तनवे ड्यूटी डाक्टर के कक्ष में गई। जहां पर डाक्टर ने उन्हें परिचय देने का बाद भी बदसलूकी की। इससे नाराज विधायक ने सीएमएचओ से चर्चा की और डाक्टर के दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी दी।
ये था पूरा मामला
नवनिर्वाचित विधायक तनवे को शुक्रवार को महिला अस्पताल में भर्ती मरीज शीतल पति किशन भेरू खेड़ा के स्वजनों का फोन आया कि अस्पताल में इलाज व्यवस्थित रूप से नहीं हो पा रहा है। तुरंत विधायक तनवे अस्पताल पहुंची और मरीज और परिजनों से चर्चा की। उन्होंने अपनी पीड़ा सुनाई, इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए विधायक कंचन तनवे ने ड्यूटी डाक्टर को बुलाया। वह अपने कक्ष से बाहर नहीं आई।
विधायक स्वयं डाक्टर के कक्ष में पहुंची और अपना परिचय देते हुए अवस्थाओं को लेकर चर्चा की। इस पर डाक्टर प्रिया मित्तल ने जनप्रतिनिधि का सम्मान न करते हुए उन्हें भी तेज आवाज में बात करने के लिए मना किया।
विधायक बोलीं- यहां न तो नर्सों का अता पता है न डाक्टरों का
इसके बाद विधायक तनवे ने महिला वार्ड का निरीक्षण कर स्वजन और मरीज से चर्चा की। कई महिला मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल में व्याप्त ने शिकायतें बताई। इस घटना को लेकर विधायक कंचन तनवे ने कहा अस्पताल की हालत काफी खराब है और पेशेंट और उनके स्वजन परेशान हैं। यहां न तो नर्सों का अता पता है न डाक्टरों का। उन्होंने इस मामले की शिकायत कलेक्टर और अस्पताल के बड़े अधिकारियों से करने की बात कही।




