ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
धार्मिक

Masik Shivratri 2023: इस दिन मनाई जाएगी मासिक शिवरात्रि, जानिए शिव पूजा के जरूरी नियम

इंदौर। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर महीने की मासिक शिवरात्रि पर व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मासिक शिवरात्रि के दिन भक्त शिवलिंग पर कई तरह की चीजें चढ़ाते हैं, लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताया गया है, जिन्हें भूलकर भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए। आइए जानते हैं कि किन चीजों को शिवलिंग पर अर्पित करना वर्जित है।

इस दिन पड़ रही है मासिक शिवरात्रि

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 11 दिसंबर को सुबह 7.10 बजे शुरू होगी। साथ ही इसका समापन 12 दिसंबर को सुबह 6 बजकर 24 मिनट पर होगा। ऐसे में मासिक शिवरात्रि 11 दिसंबर को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा का शुभ समय रात 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।

इन चीजों को न चढ़ाएं

शिवलिंग पर तुलसी दल अर्पित नहीं किया जाता है। ऐसे में मासिक शिवरात्रि के दिन भूलकर भी भगवान शिव को तुलसी दल न चढ़ाएं और पंचामृत में भी तुलसी न मिलाएं। मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को तिल भी नहीं चढ़ाए जाते हैं। नारियल के पानी से भी शिवलिंग का अभिषेक करना शुभ नहीं माना जाता है।

इस तरह करें शिव जी की आराधना

मासिक शिवरात्रि पर पूजा निशिता काल यानी आधी रात के समय करना शुभ माना जाता है। इसलिए पूजा करने से पहले स्नान कर लें और पवित्र हो जाएं। इस खास दिन पर भगवान शिव का दूध या गंगाजल से अभिषेक करें। धतूरा, बेलपत्र, दही, चंदन आदि भी चढ़ाएं। मासिक शिवरात्रि के दिन शिव चालीसा और शिव मंत्रों का भी जाप करें। इससे साधक को महादेव का आशीर्वाद मिलता है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button