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Uttarkashi Tunnel: मजदूरों का Ranchi Airport पर भव्य स्वागत, CM हेमंत बोले- राज्य सरकार हमेशा उनके साथ है

रांची: उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे झारखंड के श्रमिक बीते शुक्रवार को रांची एयरपोर्ट पर पहुंचे। बिरसा मुंडा हवाई अड्डे रांची पर सकुशल वापसी होने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा झारखंड के सभी 15 श्रमिकों को पारंपरिक अगंवस़्त्र देकर स्वागत किया गया। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने सुरंग में फंसे श्रमिकों के बचाव कार्य में लगे पूरी बचाव टीम को सलाम करते हुए उनकी सराहना की है और कहा कि जिनके कौशल और साहस का परिणाम सामने आया।

इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष ठाकुर ने हर्ष व्यक्त किया और कहा कि झारखंड के सवा 3 करोड़ जनता की दुआओं का परिणाम आज सामने है कि राष्ट्रहित में योगदान करने वाले हमारे सभी श्रमिक सकुशल अपने परिवार के पास पहुंचे, लेकिन हमें सुरंग के ढहने से उठे सवालों पर भी गंभीरता से विचार करना होगा कि सिविल निर्माण और अन्य परियोजना की योजना की डिजाइन और क्रियान्वयन बनने के मामले में विफलता भी सामने आई है। 41 श्रमिकों को 17 दिनों तक जिस सदमें से गुजरना पड़ा ये केन्द्र सरकार की विफलता ही है।

“हमें सुरंग के ढहने से उठे सवालों पर भी गंभीरता से विचार करना होगा”
राजेश ठाकुर ने कहा कि वैसी सभी परियोजनाएं जिनका क्रियान्वयन जारी है उसका मूल्यांकन किया जाना चाहिए ताकि इस तरह का हादसा दुबारा घटित न हो। उन्होंने कहा कि बचाव कार्य को अंतिम मुकाम पहुंचाने वाले मो0 इरशाद और नासीर हुसैन, सूर्ये मोहन राय समेत सभी रैट हॉल माइनर्स साथियों के आदम्य साहस एवं कौशल को हम सलाम करते हैं। उन्होंने झारखंड सरकार की संवेदनशीलता पर आभार जताते हुए कहा कि झारखंड सरकार ने अधिकारियों को भेजकर राज्य के तमाम श्रमिकों को हवाई जहाज से लाने का काम किया जो सरकार की प्रतिबद्धता का जताती है कि वो राज्य के हरेक व्यक्ति की चिंता करती है।

वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को रांची के कांके रोड स्थित सीएम आवास में उत्तरकाशी के सिल्क्यारा टनल हादसे से सुरक्षित रेस्क्यू किए गए राज्य के 15 श्रमिकों और उनके परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी श्रमिकों से कहा कि राज्य सरकार उनके साथ है। हेमंत सोरेन ने उन्हें बताया कि वर्तमान राज्य सरकार ने श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार जल्द ही देश के लगभग एक दर्जन राज्यों से एक इकरारनामा करने हेतु उन्हें प्रस्ताव भेजेगी। इस इकरारनामा के तहत प्रवासी मजदूरों को झारखंड सरकार हरसंभव मदद कर सकेगी।

“मैं स्वयं आपके रोजगार और योजनाओं की मॉनिटरिंग करूंगा”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, ‘जब आप श्रमिक भाइयों के टनल हादसे में फंसने की सूचना मिली तब आपके परिजनों के साथ-साथ पूरे राज्य वासियों के लिए वह काफी चिंतित करने वाला और डरावना समय रहा। हम सभी आपके सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे थे। राज्य सरकार ने आपके सकुशल घर वापसी के लिए अधिकारियों की टीम उत्तराखंड भेजी थी।’

वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी 15 श्रमिकों को 1 करोड़ 11 लाख रुपए से अधिक राशि की विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिया। श्रमिकों को अबुआ आवास योजना, पेंशन योजना, आयुष्मान कार्ड, कृषि यंत्र, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, मुख्यमंत्री पशुधन योजना, पशुशेड योजना, ग्राम गाड़ी योजना समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं आपके रोजगार और योजनाओं की मॉनिटरिंग करूंगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उत्तराखंड टनल हादसे में फंसे सभी श्रमिक सकुशल अपने राज्य एवं घर वापस आ गए हैं, यह आपके परिवारजनों के साथ-साथ पूरे राज्यवासियों के लिए खुशी की बात है. मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी श्रमिकों को अंग वस्त्र और शॉल भेंटकर अपनी ओर से शुभकामनाएं दीं. बता दें कि गत 12 नवंबर की सुबह उत्तराखंड के निर्माधीन सिलक्यारा टनल का एक हिस्सा गिरने से 41 श्रमिक अगले 17 दिनों तक अंदर ही फंसे रहे, जिन्हें रेस्क्यू टीमों द्वारा बड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया

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