ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मध्यप्रदेश

भारतीय मुद्रा पर श्री महाकाल महालोक की छवि पर विचार को लेकर वित्त मंत्रालय ने लिखा पत्र

उज्जैन। आगामी किसी भारतीय मुद्रा पर श्री महाकाल महालोक की छवि पर विचार के लिए वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक आफ इंडिया को पत्र लिखा है। यह पत्र उज्जैन के एक नागरिक द्वारा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र के जवाब में लिखा गया है।

श्री महाकाल महालोक की वैश्विक स्तर पर ख्‍याति

गत वर्ष 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री ने उज्जैन में श्री महाकाल महालोक का शुभारंभ किया था। इसके बाद वैश्विक स्तर पर इसकी ख्याति पहुंची। देश-विदेश से लोग श्री महाकाल महालोक को देखने, सैर करने उज्जैन पहुंचने लगे। इसकी छवि भारतीय मुद्रा पर अंकित हो, इसके लिए उज्जैन के एक वरिष्ठ साहित्यकार ने पहल की है।

साहित्‍यकार ने लिखा है पत्र

साहित्यकार संतोष सुपेकर ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को श्री महाकाल महालोक को भारतीय मुद्रा पर प्रकाशित करने के लिए एक पत्र लिखा। इस पर वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक को श्री महाकाल महालोक को भारतीय मुद्रा पर प्रकाशित करने पर विचार करने के लिए कहा है।

केंद्रीय संचारमंत्री अश्विनी वैष्णव को भी पत्र लिखा

इसके अतिरिक्त सुपेकर ने केंद्रीय संचारमंत्री अश्विनी वैष्णव को भी पत्र लिखकर डाक टिकट पर भी श्री महाकाल महालोक की छवि अंकित करने की मांग की है। एक आम नागरिक के प्रयासों को यदि इस संबंध में स्थानीय जन प्रतिनिधियों का सशक्त सहारा मिल जाए तो शहर का नाम विश्वभर में प्रसिद्ध हो सकता है।

Related Articles

Back to top button