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छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला, सुप्रीम कोर्ट में दी अहम जानकारी

नई दिल्ली: देश के पांच राज्यों में आगामी दिनों में विधानसभा चुनाव होना है और ठीक विधानसभा चुनाव के बाद लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो जाएगी। वहीं, निर्वाचन आयोग ने पांच राज्यों में चुनाव की पूरी तैयारी कर ली है। चुनावी तैयारियों की बीच एक याचिका का जवाब देते हुए निर्वाचन आयोग ने अहम जानकारी दी है।

दरअसल तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष जी निरंजन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कल सुनवाई की। सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग ने कोर्ट को बताया कि मतदाता सूची के पंजीकरण में उचित स्पष्टीकरण बदलाव जारी किया जाएगा। बदलावों से अब किसी वयस्क को मतदाता सूची प्रमाणीकरण के उद्देश्य से अपने आधार नंबर का विवरण डालने की आवश्यकता नहीं होगी। यानि अब आधार नंबर के बिना भी आप मतदाता बन सकते हैं और मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने वाले पर्चे में वयस्क नागरिकों को आधार कार्ड या नंबर अनिवार्य रूप से नहीं भरना होगा।

निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मतदाता पंजीकरण के फॉर्म 6 और 6B के कॉलम में मतदाता के रूप में पहचान निश्चित करने के लिए ही आधार नंबर की जानकारी मांगी जाती है, लेकिन अब नए फॉर्म में सुधार किया जा रहा है। क्योंकि ऐसा नहीं है कि इसके बगैर मतदाता पहचान पत्र बनता ही नहीं है।

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्र की पीठ के समक्ष आयोग के वकील अमित शर्मा ने कहा कि नियम 26 के तहत आधार नंबर का उल्लेख करना पहले भी अनिवार्य नहीं था।

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