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मध्यप्रदेश

CM ने माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का किया भूमिपूजन बोले- अन्याय से लड़ने के लिए राजनीति में आया

सीहोर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भिलाई जिला सीहोर में खजूरी माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन किया। शिवराज सिंह चौहान ने संबोधन के दौरान अपने संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि साथियों के साथ पदयात्रा के दौरान मैंने प्रदेश की खराब सड़कें, स्कूल व अस्पताल देखे थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद इन्हीं को ठीक करने का काम किया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैंने अपने साथियों के साथ पदयात्रा की थी। उस समय मैंने देखा था कि प्रदेश में सड़कें, स्कूल, अस्पताल नहीं थे। हमारे आदिवासी भाई परेशान थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने प्रदेश की सड़कें बेहतर की, अच्छे स्कूल बनवाए, अस्पतालों की व्यवस्था को ठीक किया, जिससे मेरे आदिवासी भाई बहनों को कोई परेशानी ना हो।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार में फॉरेंस्ट अधिकारी आदिवासी भाई-बहनों को परेशान करते थे। वह आदिवासी भाई बहनों से उनके काम करने के बदले मुर्गा मांगते, तो कभी बकरा मांगते। मैं इन अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए ही राजनीति में आया था।

नर्मदा जी का पानी पीने के लिए मिला

कांग्रेस सरकार में पीने का पानी भी नहीं था। लोग पीने के पानी के लिए परेशान थे। मेरी सरकार में पीने के पानी के लिए नर्मदा जी का पानी आ रहा है। आप लोगों ने कभी सोचा था कि पीने के पानी के लिए नर्मदा का पानी मिलेगा।

हर गांव में मिलेगा पानी

खजूरी वाले मुझसे कहते थे कि खेती के लिए पानी दे दो। हमारी खेती जिससे अच्छी हो जाएगी। हमारे बच्चों के भविष्य बेहतर हो जाएंगे। मैं आज उनसे कहना चाहता हूं कि 15 करोड़ 33 लाख 64 हजार रुपए की लागत से पाइप लाइन बिछाकर खजूरी के खेतों में भी पानी जाएगा। इस क्षेत्र का कोई गांव नहीं छोड़गा, हर गांव में पानी लेकर आऊंगा।

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