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ग्वालियर

मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी प्रदेश में ट्रांसमिशन लाइनों की करेगी ड्रोन पेट्रोलिंग

मुरैना 22 सितम्बर 2022/मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी अपनी 220 के. व्ही. अति उच्चदाब लाइनों की पेट्रोलिंग ड्रोन तकनीक से करवा रही है। पायलेट प्रोजेक्ट में मिली सफलता के बाद मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी इस प्रोजेक्ट को विस्तारित कर रही है। पहले चरण में इसकी शुरूआत 220 के. व्ही. अति उच्चदाब लाइनों के टावरों से हो रही है। बाद में 400 एवं 132 के. व्ही. की अति उच्चदाब लाइनों की ड्रोन पेट्रोलिंग की जाएगी।
अगले माह से शुरूआत
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी पहले चरण में प्रदेश में क्रियाशील 2850 किलोमीटर लंबी लाइनों के लगभग 10 हजार टावर की टॉप पेट्रोलिंग कर डाटा एकत्रित करेगी। प्राप्त डाटा का आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्ट साफ्टवेयर से संग्रहण कर सूक्ष्म अन्वेषण किया जायेगा। यह कार्य अगले माह अक्टूबर से प्रारंभ कर मार्च 2023 तक पूरे किए जाने का लक्ष्य है।
छोटे से छोटे फाल्ट की भी की जा सकेगी मॉनीटरिंग
  ड्रोन से पेट्रोलिंग कराने से दुर्गम से दुर्गम भौगोलिक स्थिति में स्थापित टावरों की टॉप पेट्रोलिंग संभव हो सकेगी। साथ ही किसी लाइन के फाल्ट होने पर ड्रोन से प्राप्त टावरों और लाइन की फोटो और विडियो का तुंरत अन्वेषण कर फाल्ट दुरूस्त किया जा सकेगा। इससे ब्रेकडाउन समय में उल्लेखनीय कमी आ सकेगी। इसके अलावा प्रिवेन्टिव मेंनटेनेंस में भी समय पर छोटे से छोटे फाल्ट की भी मॉनीटरिंग कर आवश्यक सुधार किया जा सकेगा।
80 हजार अति उच्च दाब टावर
 पावर ट्रांसमिशन कंपनी प्रदेश में स्थापित 39572 सर्किट किलोमीटर लंबी अति उच्च दाब लाइनों का 79915 अति उच्च दाब टावर के सहारे विद्युत पारेषण करती है। पहाड़, नदी और तालाब सहित अनेक दुर्गम भौगोलिक इलाकों से गुजरने वाली इन लाइनों का समय पर उचित रखरखाव के लिए एडवांस और प्रभावी तकनीक का उपयोग करना जरूरी हो गया था, जिससे शासन की नीति के अनुसार 24 ग् 7 विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
 प्रदेश की 35 वर्ष से पुरानी लगभग 100 लाइन की मानिटरिंग के लिए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी पहली बार ड्रोन पेट्रोलिंग का उपयोग कर रही है। टावरों की ड्रोन पेट्रोलिंग से प्राप्त डाटा का विश्लेषण कर जंग लगे एवं मिसिंग टावर पार्टस को चिन्हित कर सुधार कार्य समय पर संभव हो सकेगा।
तकनीकी शिक्षा विभाग करेगा विद्यार्थियों को कैम्पस प्लेसमेंट के लिये तैयार
सेल्सफोर्स कम्पनी से अपलोड किया लगभग 65 हजार विद्यार्थियों का डाटा
मुरैना 22 सितम्बर 2022/प्रदेश के इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा विभाग रिक्रूटमेंट के लिये आने वाली कम्पनियों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित करेगा। इसी कड़ी में बुधवार को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने एलीवेट-2022 कार्यक्रम को वेबीनार में लांच किया। इस दौरान सेल्सफोर्स इण्डिया के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट श्री संकेत अटल ने जानकारी दी कि कम्पनी द्वारा लगभग 65 हजार विद्यार्थियों का डाटा सेल्सफोर्स के प्लेटफार्म पर अपलोड किया गया है। उन्होंने बताया कि सेल्सफोर्स द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियों तक कैसे पहुँचें, यह सीखने के लिये एलीवेट-2022 कार्यक्रम किया गया।
कैम्पस प्लेसमेंट के लिये विद्यार्थी प्रथम वर्ष से होंगे तैयार
प्रदेश के इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेज के विद्यार्थियों के प्लेसमेंट और स्किलिंग को मजबूत करने के लिये तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा अलग-अलग स्तर पर ट्रेनिंग कराई जायेगी। प्रथम वर्ष में विद्यार्थियों में कम्युनिकेशन स्किल डेव्हलप की जायेगी। दूसरे वर्ष में क्वांटिटिव एप्टीट्यूड और तीसरे वर्ष में लॉजिक रीजनिंग और डिजिटल फ्ल्यूऐंसी की ट्रेनिंग दी जायेगी। फाइनल इयर में ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सिक्यूरिटी, डेटा एनालिसिस, क्लाउड कम्प्यूटिंग, डिजिटल मार्केटिंग जैसे विषयों की ट्रेनिंग कराई जायेगी।
 तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा सभी इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक कॉलेज को ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार करने को कहा गया है। प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे विद्यार्थियों के परफार्मेंस का रिव्यू कर कैलेण्डर तैयार करें। प्लेसमेंट सेल के लिये टाइम-टेबल में एक घंटा अतिरिक्त स्लाट और स्टूडेंट प्लेसमेंट कम्पनी बनाने के भी निर्देश दिये गये हैं।

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