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ग्वालियर। प्रेमी के साथ जेल गई हत्या करने वाली कलयुगी बेटी, वन स्टॉप सेंटर में बार-बार मां को याद कर रोती रही बेटी।

ग्वालियर महिला, जिसकी हत्या उसकी बेटी ने प्रेमी के साथ मिलकर कर दी। मां की हत्या करने वाली नाबालिग बेटी और उसके प्रेमी को सोमवार शाम पुलिस ने कोर्ट में पेश किया और वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। नाबालिग के प्रेमी को ग्वालियर सेन्ट्रल जेल और नाबालिग को विदिशा महिला सुधार गृह भेजा गया है। इससे पहले नाबलिग हत्या आरोपी बेटी को ग्वालियर में रविवार-सोमवार दरमियानी रात वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। यहां वन स्टॉप सेंटर में नाबालिग बार-बार मां को याद करते हुए रोती रही। उसे मां के इस तरह उसके हाथ से दुनिया से विदा होने पर पछतावा हो रहा था। वहां भी उसका यही कहना था कि उसने मां की हत्या नहीं की है उससे हत्या हो गई है। वन स्टॉप सेंटर में उसे विशेष सुरक्षा व निगरानी में रखा गया था। प्रेमी के साथ नाबालिग प्रेमी के साथ नाबालिग हजीरा के गदाईपुरा में तीन दिन पहले ममता कुशवाह की हत्या करने वाली उसकी नाबालिग बेटी, नाबालिग के प्रेमी सोनू सिंह को पुलिस ने हत्या के कुछ ही घंटे बाद शहर से भागने से पहले पकड़ लिया था। दो दिन की कड़ी पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्या की पूरी कहानी का खुलासा किया। मर्डर वेपन भी बरामद कर लिया और अब सोमवार को पुलिस ने ममता कुशवाह की बेटी और उसके प्रेमी को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ पूरी होने पर रिमांड नहीं मांगी है। जिसके बाद कोर्ट ने सोनू को सेन्ट्रल जेल न्यायिक हिरासत मंे भेज दिया है, जबकि मृतका की नाबालिग बेटी को महिला सुधार गृह विदिशा भेज दिया है। पुलिस पूछताछ के बाद एक दिन और रात हत्या आरोपी नाबालिग को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। वहां के स्टाफ ने महिला पुलिस ऑफिसर को बताया कि रात को नाबालिग आरोपी लगातार रोती रही। जब उससे पूछा गया कि उसे क्या परेशानी है तो उसका कहना था कि वह अपनी मां को याद कर रो रही है। उसे पछतावा हो रहा है कि उसके हाथ से न चाहते हुए भी मां की हत्या हो गई। पहले एक बार मामले को समझ लेते हैं शहर के हजीरा स्थित गदाईपुरा में एक मकान में 45 वर्षीय ममता कुशवाह अपनी 17 वर्षीय बेटी के साथ किराए पर रहती थी। शनिवार रात महिला के कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। सुबह से वह दिखाई भी नहीं दे रही थी और उसकी बेटी भी नहीं दिख रही थी। इस पर मकान मालिक ने जाकर देखा तो कमरे में बेड के नीचे खून से सना एक कंबल था और उसमें कोई का शव पड़ा था। जिस पर मकान मालिक ने तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी। जिस पर हजीरा थाना प्रभारी संतोष सिंह भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। घटना का पता चलते ही एसएसपी ग्वालियर अमित सांघी, सीएसपी रवि भदौरिया, फोरेंसिक एक्सपर्ट साइंटिस्ट अखिलेश भार्गव भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने जब कंबल हटाया तो उसमें उसी कमरे मंे किराए से रहने वाली ममता कुशवाह का शव लिपटा हुआ था। गला घोंटने व शरीर पर चाकू के घाव से पूरी कहानी समझ आ रही थी। मृतका की नाबालिग बेटी गायब थी। प्रारंभिक जांच में मृतका की नाबालिग बेटी और उसका गायब प्रेमी सोनू पर पुलिस को संदेह था। इसके बाद पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर डेड हाउस पहुंचाया और आरोपियों की घेराबंदी की। पुलिस ने भागने से पहले से मृतका की नाबालिग बेटी को प्रेमी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। एक नजर का प्यार ने बनाया बेटी को हत्या आरोपी ऐसा बताया जाता है कि मृतका की नाबालिग बेटी का सोनू से यह प्यार कोई दो-चार महीने का नहीं है। चार साल पहले दोनों एक कार्यक्रम में मिले थे। वहां एक दूसरे को देखकर पहली ही नजर मंे प्यार हो गया था। इसके बाद दोस्ती हुई और मुलाकात का दौर शुरू हुआ। एक साल पहले दोनों घर से भाग गए थे। जिस पर ममता ने सोनू पर उसकी नाबालिग बेटी के अपहरण और रेप का मामला दर्ज कराया था। मां के दबाव में आने के बाद पीड़िता को भी कहना पड़ा था, लेकिन उसने काफी विरोध किया था। इसी मामले में सोनू जेल में था और 15 दिसंबर को ही उसकी जमानत हुई है। इसके बाद वह आर पार के मूड में था और उससे यह हत्या हो गई। ऐसे की थी हत्या पुलिस ने जब ममता की बेटी और उसके प्रेमी सोनू को हिरासत में लिया तो उन्होंने हत्या की पूरी कहानी का खुलासा करते हुए पुलिस को बताया कि प्रेमी के साथ मिलकर बेटी मां को डराना चाह रही थी, लेकिन मां डरी नहीं तो बेटी ने मां का मुंह बंद किया और प्रेमी ने गला घोंटा, लेकिन दबाव ज्यादा होने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद मौत की तशल्ली करने के लिए कई बार चाकू से हमला किया। घटना के बाद रात-भर प्रेमी और मृतका की बेटी ममता की लाश के पास बैठे और सोते रहे। शनिवार सुबह होते ही उसकी लाश को कंबल में लपेटकर पलंग के नीचे छिपाया और ताला डाल कर चले गए। शाम को एक बार फिर नाबालिग अपने कमरे पर पहुंची और ताला खोलकर वापस चली आई। जिससे लाश बरामद हो जाए। अगले दिन सुबह उन्हें शहर छोड़कर जाना था। कमरे का ताला खुला होने और मां-बेटी नजर नहीं आने पर मकान मालिक कमरे में पहुंचा तो घटना का पता लगा है। पुलिस का कहना इस मामले में हजीरा थाना प्रभारी संतोष सिंह भदौरिया का कहना है कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

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