ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
उत्तरप्रदेश

इंडियन नेवल एकेडमी में चयनित होकर परिवार और जिले का नाम रोशन किया

मऊ: इंडियन नेवी में चयनित सब लेफ्टिनेंट को मिठाई खिलाते पड़ोसी।मऊ में एक साधारण बुनकर परिवार का बेटा इंडियन नेवी में सब लेफ्टिनेंट पद पर तैनात हुआ है। उसे जनपद के सभी संभ्रांत लोगों द्वारा बधाइयां दी जा रही हैं। बेटे के चयन से परिवार के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बुनकर बेटे ने जनपद का नाम रोशन किया है। शाह फहद के पिता इम्तियाज अहमद मऊ में साड़ियों का छोटा सा कारोबार करते हैं।कक्षा छठी से सैनिक स्कूल रीवा में दाखिले के बाद शाह फहद लगातार मेहनत करता रहा और उसके बाद यूपीएससी द्वारा आयोजित एनडीए की परीक्षा पास कर नेशनल डिफेंस एकेडमी मसूरी में ट्रेनिंग की। जहां से जेएनयू से बीटेक, इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन से पूरा किया। उसके बाद इंडियन नेवी का हिस्सा बनकर अपना और अपने जनपद का नाम रोशन किया है।सफलता का श्रेय अपने पिता को दियासब लेफ्टिनेंट शाह फहद ने बताया कि मेरी सफलता का सारा श्रेय मेरे पिता को जाता है, क्योंकि मेरे पिता भी खुद सेना का हिस्सा बनना चाहते थे। पीएसी में इनकी नियुक्ति भी हो गई थी लेकिन परिवारिक कारणों के कारण वह तैनाती नहीं ले सके। लेकिन, अपने पिता का सपना मैंने पूरा किया है।पड़ोसियों ने मिठाई खिलाकर बांटी खुशियांमेरे पिता ने मेरे पीछे खड़ा होकर पूरा सपोर्ट किया और मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया। मेरे घर परिवार में सभी लोग बहुत खुश है। बेटे के घर आने पर परिवार के लोगों में खुशी का माहौल है। साथ ही पड़ोसियों ने मिठाई खिलाकर आपस में खुशियां बांटी हैं।

Related Articles

Back to top button