ब्रेकिंग
मुरैना में सैनिकों के राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता से सुलझाने के निर्देश मुरैना आबकारी विभाग की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल, अवैध शराब के कारोबार पर लगाम कसने में नाकाम महकम... मुरैना खाद्य विभाग की लापरवाही उजागर: जनता के स्वास्थ्य से हो रहा है खिलवाड़ मुरैना युवती को प्रेम जाल में फंसाया, दुष्कर्म किया, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल भी तमिलनाडु से मुरैना तक क्राइम का सफर: ₹19 लाख की चोरी की क्रेटा कार के साथ शातिर गिरफ्तार मुरैना सीएनजी टेस्ट क्या फेल हुआ, सिरफिरे ने पेट्रोल पंप पर गोलियां बरसा दीं एक आरोपी गिरफ्तार थाना अम्बाह: एक्सीडेंट में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत थाना टेटरा: सर्पदंश से इलाज के दौरान महिला की दर्दनाक मौत भिंड में स्कूली बस और डंपर की टक्कर, सात बच्चे घायल मुरैना में राठी हॉस्पिटल पर हंगामा: इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस बल मौके पर
हरियाणा

मौतों का रिकॉर्ड अपडेट करेगी सरकार; चौकीदार को देनी होगी सूचना

चंडीगढ़: हरियाणा में मौतों का रिकार्ड अपडेट होगा। गांव में होने वाली मौत की सही सूचना देने के लिए गांव के चौकीदार की जिम्मेदारी फिक्स कर दी गई है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों के लिए एक अलग से प्रकोष्ठ बनाया जाएगा। CMO इ्स पर निगरानी रखेगा।हरियाणा के CM मनोहर लाल ने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम संरक्षक योजना के तहत आवंटित कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए CMO में एक अलग से प्रकोष्ठ बनाया जाए ताकि जिन अधिकारियों द्वारा गांव गोद लिए गये हैं, वे सीधे इस प्रकोष्ठ में अपनी फीडबैक रिपोर्ट भेज सकें और CMO इसका विश्लेषण कर सके ।छुट्‌टी के दिन करें कामों का अवलोकनCM ने अधिकारियों को इस बात के भी निर्देश दिए कि वे शमशान घाटों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, व्यायामशालाओं, स्कूलों व परिवार पहचान पत्र के कार्यों का सप्ताह में अवकाश वाले दिन या कार्यालय से छुट्टी के बाद अवलोकन करें। ग्राम विकास कार्यों की मोनिटरिंग विकास एवं पंचायत विभाग भी करता है।आंगनबाड़ी में बच्चों की उपस्थिति जरूरीग्राम दर्शन व नगर दर्शन पोर्टल से अलग CM विंडो की तरह CMO में यह प्रकोष्ठ कार्य करेगा और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर इसकी निगरानी की जाएगी। आंगनबाड़ी केन्द्रों में 3 से 5 आयु वर्ग के बच्चों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।गांवों की रैंकिंग होगी तैयारअधिकारी आवंटित गांव में ये कार्य पूर्ण देखरेख के साथ करें और अंकों के आधार पर आकलन रिपोर्ट तैयार कर गांव की रैंकिंग करें। परिवार पहचान पत्र में दिव्यांग वाले कॉलम में जन्म से हुई अन्य गम्भीर बीमारियों का भी उल्लेख करें।

Related Articles

Back to top button