ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
धार्मिक

इस दिन से शुरू होने जा रहा है श्रीकृष्ण का प्रिय महीना, बेहद महत्वपूर्ण है मार्गशीर्ष मास

इंदौर। सनातन धर्म में मार्गशीर्ष माह को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे अगहन माह भी कहा जाता है। यह महीना मुख्य रूप से भगवान श्री कृष्ण का प्रिय महीना माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के बाद मार्गशीर्ष माह शुरू होता है। ऐसे में मार्गशीर्ष माह मंगलवार, 28 नवंबर 2023 को शुरू हो रहा है। यह महीना मंगलवार, 26 दिसंबर, 2023 को समाप्त होगा। मार्गशीर्ष माह को लेकर कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन जरूर करना चाहिए।

मार्गशीर्ष माह का महत्व

मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में होता है। इसलिए इस माह को मार्गशीर्ष कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम और माता सीता का विवाह पवित्र मार्गशीर्ष माह में हुआ था। भगवत गीता में कहा गया है कि इस माह में भगवान श्री कृष्ण का विशेष प्रभाव रहता है। ऐसे में इस महीने में भगवान कृष्ण की पूजा करने से जीवन के सभी सुखों का आनंद मिलता है और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इन बातों का रखें ध्यान

मार्गशीर्ष माह में श्रद्धालु तीर्थ स्थलों पर जाकर पवित्र स्नान करते हैं। इसके अलावा, इस महीने में शंख की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। मार्गशीर्ष या अगहन माह में कपूर जलाकर तुलसी की परिक्रमा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस खास महीने में भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Related Articles

Back to top button