ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
व्यापार

त्योहारी सीजन में मंहगाई की मार! प्याज की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए सरकार ने उठाया एक और कदम

देश के कई राज्यों में प्याज के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। दिल्ली एनसीआर समेत कई शहरों में प्याज के दाम 80 रुपए किलो के आसपास बिक रहे हैं। एक हफ्ते में ही प्याज की कीमत दोगुनी हो गई है। पिछले हफ्ते प्याज 35-40 रुपए किलो तक बिक रहे थे लेकिन अब प्याज के दाम 75-80 रुपए किले तक हो गई है।

16 शहरों में बफर स्टॉक बेचेगी सरकार

रिटेल विक्रेताओं ने कहा कि दिवाली से पहले डिमांड के कारण अधिकांश सब्जियां फिर से महंगी हो गई हैं। केंद्र ने त्योहारी सीजन की ऊंची मांग के बीच कीमतों को कम करने के लिए अपने भंडार से स्टॉक जारी करना शुरू कर दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों का कहना है कि सरकार इस समय महंगाई को रोकने के लिए अपने बफर स्टॉक से लगभग 16 शहरों में प्याज बेचना जारी रखेगी।

कहां पर कितनी कीमत?

देश की राजधानी रिटेल मार्केट में एवरेज प्याज की कीमत 80 रुपए प्रति किलो पर बिक रहा है, जो पिछले सप्ताह 60 रुपए और दो सप्ताह पहले 30 रुपए था। चंडीगढ़, कानपुर और कोलकाता जैसे अन्य शहरों में भी प्याज की कीमत समान हैं। रिटेल मार्केट के विक्रेताओं को कहना है कि वे और आगे बढ़ सकते हैं।

निर्यात शुल्क लागू किया

सरकार ने 28 अक्टूबर को प्याज की कीमत को कम करने के लिए न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 800 डॉलर निर्धारित किया है। सरकार का कहना है कि लागू किए गए इस शुल्क से उच्चतम कीमत से 5 से 9 फीसदी की गिरावट आई है। महाराष्ट्र में प्याज के थोक कीमत में 4.5 फीसदी की कमी आई है।

मानसून से सप्लाई पर पड़ा असर

कमजोर मानसून के कारण जून-सितंबर महीने में प्याज के दो बड़े सप्लायर्स राज्य महाराष्ट्र और कर्नाटक में फसल को नुकसान पहुंचाया, जिससे फसल की कटाई में देरी हुई, अब इसके चलते कीमतें फिर से बढ़ गई हैं।

Related Articles

Back to top button