हेलमेट पर सख्ती, कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने जारी किये निर्देश

भोपाल। एमपी में अब दो पहिया वाहन चलाने वालों की खैर नहीं है। अगर आपने ये नियम तोड़ा तो अब आपको इसके लिए दोगुना जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। अब सरकार द्वारा इस जर्माने की दर 1000 रूपए कर दी गई है। जिसके बाद अब एमपी में भी इसे 250 से बढ़ाकर 500 रूपए कर दिया गया है। प्रदेश में बिना हेलमेट के वाहन चालकों को न पेट्रोल मिलेगा, ना ही सरकारी कर्मचारियों को ऑफिस में एंट्री और ना स्कूल कॉलेज में एंट्री।
प्रदेश में अब हेलमेट को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। हाईकोर्ट जबलपुर के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल ने पुलिस कमिश्नर भोपाल, पुलिस कमिश्नर इंदौर सहित प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी कर इसके सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश में अब दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। बिना हेलमेट के वाहन चालकों को न पेट्रोल मिलेगा, ना ही सरकारी कर्मचारियों को ऑफिस में एंट्री और ना स्कूल कॉलेज में एंट्री। हेलमेट नहीं लगाने पर वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 128 और 129 के तहत कार्रवाई होगी।
पुलिस मुख्यालय भोपाल ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर मुख्य बेंच में दायर एक याचिका की सुनवाई का हवाला देते हुए भोपाल और इंदौर के पुलिस कमिश्नर एवं सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी करते हुए इस आशय के आदेश जारी किये है। आदेश में पीलीयन राइडर का भी जिक्र किया गया है।
अब देना होगा इतना जुर्माना
देश में दुर्घटनाओं में हो रही मौत को देखते हुए बाइक चालकों के लिए हेल्मेट पहनना कोर्ट ने भी अनिवार्य किया है। जिसके चलते केंन्द्र सरकार जुर्माना राशि 1000 रूपये कर रही है। इसी के चलते मध्यप्रदेश सरकार इसके 250 रूपए से 500 रूपये करने जा रही है। यानि कि अब दुगना राशि जुर्मानें के रूप में देनी पड़ेगी। एमपी में अभी 250 रूपये हेलमेंट पर जुर्मानें की राशि निर्धारित है। जिसे बढ़ा कर 500 रूपये किया जा रहा है।
पहले दूसरे राज्यों का किया अध्ययन
प्रदेश में जो भी दुपहिया वाहन और बगैर हेलमेट चलाए वाहनों के जुर्माना लगाए जानें पर जुर्माना बढ़ाने के पहले प्रदेश सरकार ने पड़ोसी राज्यों, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश के द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट में क्या संशोधन किये, का अध्ययन किया है। इसके बाद ही सरकार द्वारा गठित मंत्रिमंडल की समिति ने यह निर्णय लिया है। इस समिति में लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के बीच इस बारे में चर्चा हुई है। जिसके बाद सभी ने सहमति जताते हुए जुर्माने की राशि 500 रूपए किए जाने पर सहमति जताई है।




