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क्या मप्र चुनाव में दिग्गज सफल होंगे ?

(श्रीगोपाल गुप्ता ) भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश विधानसभा में अपने 78 उम्मीदवारों को घोषित कर कांग्रेस पर बढ़त बना ली है? 39 उम्मीदवारों की सूची गत पखबाड़े में जारी कर चुकी भाजपा ने 39 नामों की घोषणा गत दिवश की. इस नई 39 उम्मीदवारों की सूची ने जहां एक तरफ जहां कांग्रेस को हैरत मे डाल दिया तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश की जनता को भी अंचिबित कर डाला है. उसकी बजह है कि नयी सूची में पार्टी के द्वारा तीन केन्द्रीय मंत्री व कद्दावर नेताओं सहित 7 सांसदों को विधानसभा चुनाव के समर में उतारना. पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाते हुये केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर को उन्ही के संसदीय क्षेत्र मुरैना-श्यौपर की तोमर बाहुल्य दिमनी विधानसभा से उतारा है तो केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री प्रहलाद पटेल को उनके भाई श्री जालिम सिंह पटेल की सीट नरसिंहपुर से टिकट दिया तो केन्द्रीय मंत्री और संसद में नोट कांड के हीरो रहे श्री फग्गन सिंह कुलेस्ते को निवास सीट से उतारा है.इसके साथ ही चार लोकसभा सांसद रीति पाठक, गणेश सिंह,उदय प्रताप सिंह व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. हांलाकि केन्द्र की राजनीति में मंझे हुये इतने कद्दावर 7 नेताओं को मैदान में उतारकर भाजपा ने सनसनी जरुर फैला दी है मगर इस पर प्रदेश के राजनीतिक पंडितों व लोगों की प्रतिक्रिया पार्टी के हक में फिलहाल तो नहीं है. लेकिन अभी तो चूनाव नंबवर में हैं तब तक चंम्बल में करोंडों गैलन पानी बह जायेगा. हालांकि भाजपा का सांसदों को विधानसभा चुनाव के मैदान में उतारने का प्रयोग पहली मर्तबा नहीं है! इससे पहले पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021में यह प्रयोग कर चुकी है मगर सफलता 40% प्रतिशत ही हाथ लगी. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी मौजुदा राज्यसभा व लोकसभा के सांसदों को उतारा था. इनमें दो सांसद जगन्नाथ सरकार व निसिथ प्रमाणिक अपने-अपने क्षेत्रों शांतिपुर व दीनहाटा सेजीतने में सफल रहे जबकि तीन सांसदों का हार का सामना करना पड़ा. जीतने में सफल रहे जहां से उन्होने चुनाव लड़ा था. फिल्मी हीरो व पूर्व केन्द्रीय मंत्री सांसद बाबुल सुप्रियो,लाॅकेट चट्रजी व स्वपन दास गुप्ता को हार का सामना करना पड़ा! ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि मप्र में साढ़े अठारह साल शासन की ऐण्टीकंबेसिंग और आक्रोसित पार्टी के कार्यकर्ताओं का दंश झेल रही पार्टी के ये 7 दिग्गज मप्र विधानसभा चुनाव में जीतने में सफल होंगे और अपने चुनावी मैदान में होने के आहसास से आसपास की ज्यादा से ज्यादा कितनी सीटें पार्टी की झोली में डाल पायेंगे?

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