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मध्यप्रदेश

घर हो या कार्यस्थल हर जगह महिलाओं को सुरक्षित रखने को हैं कानून

इंदौर। चाहे घर हो या कार्यस्थल, अगर महिला के साथ किसी भी तरीके का भेदभाव, छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न, बलात्कार, हिंसा आदि प्रकार के कृत्य होते हैं, तो उन्हें इसके खिलाफ खुलकर आवाज उठानी चाहिए। एक ही छत के नीचे रहने पर किसी महिला या पुरुष द्वारा अगर महिला के साथ शारीरिक, मानसिक हिंसा होती है तो घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाती है।

ये जानकारियां हेलो नईदुनिया कार्यक्रम में महिला बाल विकास अधिकारी डा. वंचना परिहार ने पाठकों के सवालों के उत्तर में दीं। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार का जुर्म होने पर महिलाओं को शिकायत करनी चाहिए। महिलाओं को बदनामी का डर नहीं होना चाहिए, क्योंकि महिलाओं के संबंध में महिला की पहचान और केस को गोपनीय रखा जाता है।

घरेलू हिंसा के अलावा कार्यस्थल पर भी किसी भी प्रकार की हिंसा के लिए कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2013 के तहत कार्रवाई की जाती है। संगठित और असंगठित दोनों प्रकार के कार्यस्थलों के लिए समान कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि हर कार्यस्थल पर आंतरिक परिवाद समिति होनी चाहिए, जहां महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज करा सकें।

वहीं जिला स्तर पर स्थानीय परिवाद समिति होती है। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1956 महिला को पिता की पैतृक संपत्ति में भाई के समान हक दिलाता है। वहीं हिंदू विवाह अधिनियम 1955 महिलाओं को पति की दूसरी शादी से बचाने का अधिकार देता है। इसके अलावा गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम 1971 के तहत महिलाएं 20 सप्ताह के भ्रूण का डाक्टर के परामर्श से गर्भपात करा सकती हैं।

प्रश्न- सोशल मीडिया आने से महिलाओं के साथ आनलाइन अपराध काफी बढ़ गए हैं। इस पर कैसे रोक लगाएं? -राजेश अग्रवाल, देवास

उत्तर- सोशल मीडिया पर अश्लीलता, ब्लैकमेल, ठगी आदि का शिकार होने पर साइबर हेल्पलाइन 1075 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसमें आइटी एक्ट के तहत सजा का प्रविधान है।

प्रश्न- छेड़खानी, अश्लील हरकत आदि होने पर महिलाएं बदनामी के डर से चुप रहती हैं तो आरोपितों पर कार्रवाई कैसे करें? -अनिल कौचाले, गुमास्ता नगर

उत्तर- किसी भी प्रकार के हादसे की शिकार महिलाओं को शिकायत जरूर करानी चाहिए। महिला संबंधी मामलों में सरकारी और निजी संस्थाओं द्वारा पूरी तरह से गोपनीयता रखी जाती है।

प्रश्न- मेरे साथ डेढ़ महीने पहले लोन के नाम पर 11 लाख रुपये का आनलाइन फ्राड हुआ था। मेरे पास शिकायत के क्या विकल्प हैं? – दीपाली चौधरी, निपानिया

उत्तर- जिस कंपनी ने आपसे रुपये लिए हैं और लोन नहीं दिया है, उस पर उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा साइबर क्राइम की शिकायत के लिए 1075 हेल्पलाइन नंबर या रीगल स्थित साइबर क्राइम दफ्तर में अपनी शिकायत दर्ज कराएं। छावनी स्थित मुराई मोहल्ला में कमला नेहरू स्कूल के पास वन स्टाप सेंटर, सखी महिला बाल विकास के कार्यालय में भी आ सकतीं हैं।

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