अपने ही नक्षत्र में प्रवेश करेंगे सूर्यदेव, जानिए किन राशियों की चमकेगी किस्मत
ग्रहों के राजा सूर्य अपनी ही राशि सिंह में हैं और अब अपने ही नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी में प्रवेश करनेवाले हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्यदेव गुरुवार, 14 सितंबर को सुबह 03:38 बजे उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। स्वराशि में होने की वजह से सूर्य पहले से ही बली हैं और अपने ही नक्षत्र में प्रवेश करने से उनकी फल देने की क्षमता कई गुनी बढ़ जाएगी। सूर्य, आत्मा और निरोगता का कारक है। ऐसे में जिन राशियों के लिए सूर्य शुभ स्थिति में हैं उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन हो सकता है। साथ ही आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। लेकिन सूरय के प्रबल होने से अहंकार भी बढ़ सकता है।
उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र: विशेषता
वैदिक ज्योतिष के अनुसार उत्तरा फाल्गुनी, राशिचक्र का बारहवां नक्षत्र है। इस नक्षत्र का पहला चरण सिंह राशि में आता है, जबकि बाकी तीन चरण कन्या राशि में आते हैं। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के स्वामी सूर्यदेव हैं और देवता आर्यमान हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक योद्धा, शूरवीर, शस्त्र विद्या में प्रवीण एवं मधुरभाषी होते हैं। ये मन के सच्चे परन्तु शीघ्र भड़कने वाले होते हैं। ये पुरुषार्थी होते हैं एवं विद्या द्वारा धनोपार्जन करते हैं। लेकिन इनका गृहस्थ जीवन गृह-क्लेश और मानसिक तनाव से पीड़ित रहता है। इस नक्षत्र के जातकों की प्रतिभा अध्यापन, लेखन, वैज्ञानिक शोध आदि से जुड़े कार्यों में खूब दिखती है। सूर्य देव के अपनी ही नक्षत्र यानी उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करने से इन राशियों की किस्मत जाग सकती है।
मेष राशि के लिए सूर्य पंचम भाव यानी त्रिकोण के स्वामी हैं और इसी स्थान पर अपने नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। इसका फायदा आपकी संतान को मिलेगा। उन्हें परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है और स्कूल-कॉलेज में अवार्ड मिल सकता है। इस अवधि में आपकी बुद्धि प्रखर होगी और आत्मविश्वास के साथ किसी डील में आगे बढ़ेंगे। निवेश, शेयर बाजार आदि में लाभ होने से संकेत हैं। प्रेम संबंधों में आप ईमानदारी बरतेंगे और स्पष्टवादिता से कम लेंगे। इससे संबं बहुत मजबूत होंगे या टूट ही जाएंगे। राजनीति, प्रशासन आदि से जुड़े लोगों को मान-सम्मान मिलेगा और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं।
सिंह राशि
सूर्य आपके पहले भाव का स्वामी है। लग्नेश का स्वराशि और स्व-नक्षत्र में होना आपके लिए बहुत शुभ हो सकता है। आपका जोश और आत्मविश्वास चमर पर होगा और किसी भी तरह के फैसले लेने से नहीं हिचकेंगे। लोग आपका नेतृत्व स्वीकार करेंगे और परिवार में भी आपकी पोजिशन बेहतर हो जाएगी। शरीर स्वस्थ रहेगा और पुरानी बीमारियां ठीक हो जाएंगी। सिर्फ इतना ध्यान रखें कि आपके अहंकार की वजह से रिश्ते खराब ना हों। खास तौर पर जीवन साथी और बिजनेस पार्टनर की भावनाओं का ध्यान रखें। इस अवधि में आर्थिक लाभ, मान-सम्मान और प्रतिष्ठा मिलने के योग हैं।
वृश्चिक राशि
इस राशि के जातकों के लिए सूर्य दसवें भाव के स्वामी हैं। इस अवधि में आपको सरकारी नौकरी मिल सकती है। साथ ही कार्यक्षेत्र में बदलाव या तरक्की मिलने के योग हैं। ऑफिस में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा और आपको टीम के नेतृत्व का मौका मिलेगा। कारोबारियों को भी जबरदस्त मुनाफा मिलने के संकेत हैं। किसी डील में परेशानी हो रही हो, तो वो बाधा दूर होनेवाली है और कारोबार में तरक्की होने वाली है। कार्यस्थल में आपकी प्रतिष्ठा कई गुना बढ़ जाएगी। प्रशासन, सरकार और राजनीति से जुड़े लोगों को काफी लाभ मिलने के योग हैं।
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