ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
मनोरंजन

पंकज त्रिपाठी के पिता का निधन 98 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

 इस समय अपनी फिल्म ओएमजी 2 को लेकर चर्चा में बने पंकज त्रिपाठी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक्टर के पिता पंडित बनारस तिवारी का निधन हो गया है। वे 98 साल के थे। उन्होंने अपने पैतृक गांव बेलसंड में आखिरी सांस ली। पंकज अपने पिता के बहुत करीब थे। बताया जा रहा है कि एक्टर के पिता लंबे समय से बीमार थे। पंकज त्रिपाठी बिहार के गोपालगंज इलाके के रहने वाले हैं। एक्टर अपने फिल्मी करियर के कारण मुंबई में रह रहे हैं। उनके माता-पिता गांव में ही रह रहे थे। मीडिया को मिली जानकारी के अनुसार पंकज अपने गांव के लिए निकल गए हैं।

कभी थिएटर नहीं गए पंकज के पिता

बताया जा रहा है कि पंकज त्रिपाठी रात 11 बजे तक अपने गांव पहुंच जाएंगे। एक्टर ने एक इंटरव्यू के दौरान अपने पिता का जिक्र करते हुए कहा था कि उनके पिता को ये भी नहीं पता कि वो फिल्म इंडस्ट्री में क्या काम करते हैं। यहां तक कि उन्होंने कभी थिएटर के अंदर जाकर ये भी नहीं देखा है कि थिएटर कैसा दिखता है। उनके पिता सिर्फ एक बार ही मुंबई आए थे। उन्हें यहां के बड़े-बड़े घर और बिल्डिंग पसंद नहीं आए। इतना ही नहीं, बल्कि कुछ समय पहले ही पंकज त्रिपाठी ने अपने माता-पिता के लिए घर में टीवी लगवाया था।

पिता का सपना था पंकज डाॅक्टर बनें

साल 2018 में एक इंटरव्यू के दौरान पंकज त्रिपाठी ने शेयर किया था कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि वे एक्टर बनें। पिता का सपना था कि उनका बेटा पढ़-लिखकर डॉक्टर बने। वे बिहार के गोपालगंज स्थित जिस इलाके से आते हैं, वहां लोग दो ही प्रोफेशन जानते हैं, एक डॉक्टर और दूसरा इंजीनियर। जब पंकज एक्टर बनें, तो उन्हें अपने मां-पिता का खूब सपोर्ट मिला। उनके पिता को इस बात की चिंता रहती थी कि उनका बेटा रोजी-रोटी कमा पाएगा या नहीं। पंकज के पिता अपने बेटे के पहले घर के गृह प्रवेश में ही मुंबई आए थे।

Related Articles

Back to top button