ब्रेकिंग
मुरैना में 'जहर' पर मेहरबानी: क्या मिलावटखोरों के 'कवच' बन गए हैं अधिकारी गुप्ता? मुरैना पुलिस की 'सेलेक्टिव होली': सच दिखाने वालों से दूरी, वाह-वाही करने वालों पर 'रंग' की बौछार! यूजीसी और आरक्षण को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक इंदौर में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित मंडला पुलिस की त्वरित कार्रवाई डकैती के पांच आरोपी जबलपुर से गिरफ्तार, रकम एवं उपयोग की गई कार बरामद भिंड के गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के बिरखडी गांव के पास तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ट्रेक्टर ट्रॉली में मारी... असम में राजधानी एक्सप्रेस से टकराकर 7 हाथियों की मौतः एक घायल; ट्रेन के 5 डिब्बे-इंजन पटरी से उतरे भिंड में रेत माफियाओं पर कार्रवाई के समय रेत माफियाओं ने एसडीएम की गाड़ी को मारी टक्कर बाल-बाल बचे। अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर पोस्ट मेन ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला की समाप्त ग्वालियर पुलिस लाइन के क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने की आत्महत्या, मचा हड़कंप
धार्मिक

नागपंचमी पर बन रहा दुर्लभ संयोग कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए इस दिन करें ये उपाय

पिछले महीने 17 जुलाई को श्रावण में पुरुषोत्तम माह प्रारंभ होने के एक दिन पहले सोमवार को हरेली अमावस्या का संयोग बना था। अब नागपंचमी भी सोमवार को पड़ रही है। काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए नागपंचमी के दिन भगवान शिव और उनके गण नागदेवता की पूजा का महत्व है। इस बार नागपंचमी पर मुद्रा, शुक्ल और शुभ योग का संयाेग बन रहा है।

ज्योतिषाचार्य डा.दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार शास्त्रों में नागपंचमी के दिन प्रसिद्ध नाग विनेतकी, करकट, अनंत, तक्षक, कालिया, वासुकी की पूजा को विशेष महत्व दिया गया है। नाग देवता की पूजा करने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है, साथ ही नागों से भय नहीं रहता।

1999 और 2019 में बना था संयोग

सोमवार के दिन नागपंचमी का संयोग इससे पहले 2019 और उससे 1999 में भी बना था। इस साल श्रावण में पुरुषोत्तम मास का भी संयोग बना था।

जीवित नाग नहीं, प्रतिमा काे पूजें

नागदेवता का पूजन हमेशा मंदिर में शिवलिंग के साथ ही नाग प्रतिमा का करना चाहिए। जीवित नागों को नहीं पूजना चाहिए। प्रतिमा पर दूध अर्पित करें, लेकिन जीवित नागों को दूध ना पिलाएं क्योंकि नाग दूध नहीं पीते।

ऐसे करें पूजा

– शिवजी के साथ शिवलिंग के उपर छाया दे रहे नाग प्रतिमा की ही पूजा करें

– चांदी,जस्ता का दो सर्प बनाकर पूजा करें

– नाग प्रतिमा पर हल्दी, रोली, चावल, फूल, चना, खील, बताशा, कच्चा दूध अर्पित करें।

– द्वार पर गोबर, गेरू, मिट्टी से सर्प की आकृति बनाकर पूजें।

– ‘ऊं कुरु कुल्ले फट् स्वाहा’ अथवा ‘ऊं नागेंद्रहाराय नम:’ का जाप करें।

ये ना करें

– नागपंचमी के दिन भूमि ना खोदें, हल न चलाएं।

– सुई धागे से सिलाई ना करें

– शाक ना काटें

Related Articles

Back to top button