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हिमाचल में भारी बारिश ने मचाई तबाही, अब तक 330 लोगों की मौत…23 अगस्त खराब रहेगा मौसम

हिमाचल प्रदेश के शिमला में शिव मंदिर के मलबे से एक और शव बरामद होने और चंबा जिले में दो और लोगों की मौत के बाद प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है।  शिमला में ही तीन जगहों- समर हिल में स्थित शिव मंदिर तथा फागली और कृष्णनगर में हुए भूस्खलन की वजह से 21 लोगों की मौत हुई है। मंदिर के मलबे में अब भी आठ लोगों के दबे होने की आशंका है।

शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने बताया कि बुधवार को समर हिल भूस्खलन स्थल पर श्रमिकों ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला में गणित विभाग के प्रमुख पीएल शर्मा का शव निकाला। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र के अनुसार, चंबा जिले में बारिश से संबंधित दो मौतों की सूचना मिली है जिसके बाद पिछले चार दिनों में प्रदेश में जान गंवाने वालों की संख्या 74 हो गई है।

23 अगस्त तक मौसम रहेगा खराब

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार से 3 दिन यैलो अलर्ट रहेगा, जबकि 23 अगस्त तक मौसम खराब रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 4-5 दिनों में बारिश तो होगी लेकिन 1-2 स्थानों पर छिटपुट बारिश होगी, लेकिन इस माह के अंतिम सप्ताह मानसून फिर से सक्रिय होगा, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो जाएगा। 25 अगस्त तक बारिश होगी।

ये नेशनल हाईवे हैं बंद

  • शिमला जिले के तहत एन.एच.-305 : सैंज-लुहरी-आनी-जलौड़ी-बंजार।
  • शाहपुर सर्कल के तहत एन.एच.-03 : मनाली से लद्दाख।
  • मात्र 3 दिन में 71 लोगों की मौत, 7500 करोड़ का हुआ नुक्सान।

राज्य में अनुमानित 10,000 करोड़ रुपए का नुकसान

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को मंडी जिले के सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र के मटेहड़ी, बालद्वारा, मसेरन और जुकैन के बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और वहां लोगों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। प्रमुख सचिव (राजस्व) ओंकार चंद शर्मा ने बुधवार को कहा कि मानसून मौसम के दौरान हुआ नुकसान 7,500 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य में 875 सड़कें अवरुद्ध हैं और 1,135 ट्रांसफार्मर और 285 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। सुक्खू ने एक साक्षात्कार में कहा था कि मॉनसून में भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचों के पुननिर्माण में एक साल का समय लगेगा।

सुक्खू ने कहा था कि पिछले महीने जुलाई और इस सप्ताह हुई भारी बारिश की वजह से राज्य में अनुमानित 10,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों और जल परियोजनाओं के पुनर्निर्माण में समय लगता है, लेकिन सरकार इस प्रक्रिया में तेजी ला रही है। उन्होंने कहा, “हमें एक साल के भीतर बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से बहाल करना होगा। वहीं, लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चालू वित्त वर्ष के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 254 सड़कों के उन्नयन के लिए 2,643 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

24 जून से लेकर अब तक इतने लोगों की मौत

प्रदेश में 24 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से बारिश से संबंधित घटनाओं में 330 लोगों की मौत हो गई है। आपदा प्रबंधन के प्रमुख सचिव ओंकार चंद शर्मा ने कहा कि 13-15 अगस्त तक लगातार बारिश ने 74 लोगों की जान ले ली है, जबकि प्रदेशभर में 330 लोगों की हुई मौत के क्रम में भूस्खलन, बाढ़ आने व बादल फटने की घटनाएं शामिल हैं। शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने बताया कि शिमला में अभियान जारी है। सेना, वायु सेना और अन्य बचाव कर्मियों ने बाढ़ प्रभावित कांगड़ा जिले के फतेहपुर और इंदौरा के पोंग बांध से 309 लोगों को निकाला है। पिछले तीन दिनों में इन इलाकों से 2074 लोगों को निकाला गया है।

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