अविश्वास प्रस्ताव की बहस में हिस्सा ले सकते हैं राहुल गांधी, जानें क्या कहता है लोकसभा का नियम?
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए ‘मोदी सरनेम’ मामले में सजा पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल होने का रास्ता साफ हो गया है। इस बीच चर्चा शुरू हो गई है कि राहुल गांधी मोदी सरकार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं। कांग्रेस ने मणिपुर हिंसा मामले पर 26 जुलाई को सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
मणिपुर पर जारी है हंगामा
दरअसल, मणिपुर में 3 मई से हिंसा जारी है। मणिपुर में हिंसा के मुद्दे पर मॉनसून सत्र में हंगामा जारी है। विपक्ष इस मुद्दे पर पीएम मोदी के सदन में बयान और विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है। जबकि सरकार गृहमंत्री अमित शाह के जवाब के साथ अल्पकालिक चर्चा के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष इस मुद्दे पर पीएम मोदी के बयान पर अड़ा है। ऐसे में संसद के दोनों सदनों में सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध बना हुआ है।
फैसले की दिखानी होगी कॉपी
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाली के लिए उन्हें या उनके प्रतिनिधि को लोकसभा सचिवालय को सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की एक प्रति दिखानी होगी जिसमें उनकी सजा पर रोक लगा दी गई है। लोकसभा के पूर्व महासचिव पी डी टी अचारी ने कहा कि जब सचिवालय को आदेश की प्रति मिल जाएगी तो वह राहुल की अयोग्यता को समाप्त करने के संबंध में अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। नोटिफिकेशन जारी होते ही राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो जाएगी।
अविश्वास प्रस्ताव पर 8-9 अगस्त को होगी चर्चा
मणिपुर हिंसा पर कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा के लिए 8 और 9 अगस्त दो दिन निर्धारित किये गए हैं। इस दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के सांसद अपनी बात रखेंगे। 10 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे।
लोकसभा अध्यक्ष के आदेश का इंतजार करेंगे- खरगे
माना जा रहा है कि इससे पहले राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल हो सकती है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराने में 24 घंटे लगे। अब देखते हैं कि उनकी सदस्यता बहाल करने में कितने घंटे लगेंगे। हम लोकसभा अध्यक्ष के आदेश का इंतजार करेंगे। लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर राहुल गांधी की सदस्यता बहाल करने का आग्रह किया।
राहुल को ‘मोदी सरनेम’को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में गुजरात की एक अदालत ने मार्च में दोषी करार दिया था और दो साल कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद 23 मार्च को राहुल को लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। वह केरल के वायनाड संसदीय क्षेत्र का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राहुल की लोकसभा सदस्यता बहाल करने का मार्ग प्रशस्त करते हुए 2019 में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि मामले में शुक्रवार को उनकी सजा पर रोक लगा दी। जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस संजय कुमार की पीठ ने कहा कि निचली अदालत के जज ने राहुल गांधी को दोषी ठहराते समय कोई कारण नहीं बताया, सिवाय इसके कि उन्हें अवमानना मामले में शीर्ष अदालत ने चेतावनी दी थी।




